त्रिपुरा पुलिस ने 11 जनजातीय लड़कियों को ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मकड़जाल से बचाया है। पुलिस ने एक शख्स को भी हिरासत में लिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि उन्हें उत्तरी त्रिपुरा में जनजातीय शरणार्थी शिविरों से अगरतला लाया गया है। पुलिस के अनुसार, बचाई गई जनजातीय लड़कियां अब एनजीओ चाइल्ड लाइन के घर पर हैं, जिन्होंने पुलिस को इन लड़कियों के बचाव अभियान में मदद की थी। इन लड़कियों में से दो की उम्र 18 साल और अन्य की उम्र 18 साल से कम है।

घटना की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने बच्चों के माता-पिता को उनसे मिलने और उनकी बेटियों के बारे में जानकारी देने को कहा है। पुलिस और चाइल्ड लाइन के अधिकारियों को संदेह है कि इन लड़कियों के साथ पकड़े गए व्यक्ति ने शायद लड़कियों और उनके माता-पिता को आकर्षक मजदूरी का वादा किया था।

गिरफ्तार शख्स ने पुलिस को बताया कि लड़कियों को उनके गरीब माता-पिता की सहमति से पश्चिमी त्रिपुरा के कई घरों में घरेलू कामवाली के रूप में काम करवाना था। हालांकि, पुलिस ने उसके दावे पर विश्वास नहीं किया और पुलिस को संदेह है कि यह घटना मानव तस्करी से संबंधित हो सकती है।