त्रिपुरा पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से पश्चिम बंगाल के तृणमूल कांग्रेस के नेता देबांग्शु भट्टाचार्य, सुदीप राहा और जया दत्ता सहित 20 कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज कराये गये मामले में धलाई, नॉर्थ और वेस्ट त्रिपुरा जिलों में विभिन्न स्थानों पर छापे मारे तथा शहर के पश्चिमी बाहरी इलाके से गुरुवार तड़के देबांग्शु के वाहन चालक को गिरफ्तार किया। 

दो दिन पहले पुलिस ने अंबासा इलाके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। एक स्थानीय अदालत ने उन्हें सप्ताह भर की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, क्योंकि बचाव पक्ष के वकील उनकी जमानत की मांग को सही नहीं ठहरा सके। इसके अलावा वह तृणमूल कार्यकर्ताओं पर राजनीतिक अत्याचार के आरोपों के बारे में भी अदालत को विश्वास नहीं दिला सके। मामले के 12 आरोपी कोलकाता जा चुके हैं, इसलिए राज्य पुलिस ने हवाई अड्डे के सुरक्षा कर्मियों को सतर्क कर दिया है कि उनके अगरतला पहुंचते ही हिरासत में ले लिया जाये। 

बताया जा रहा है कि त्रिपुरा पुलिस ने आरोपी तृणमूल नेताओं को गिरफ्तार करने और उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लाने के लिए कोलकाता में एक टीम भेजने की भी योजना बनायी है, जिससे स्थानीय कार्यकर्ताओं में डर पैदा हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने गत सात अगस्त को अंबासा में राष्ट्रीय राजमार्ग पर कथित रूप से भाजपा समर्थकों द्वारा किये गये पथराव और हमले में घायल होने और उसके बाद अस्पताल में इलाज नहीं किये जाने का दावा किया था, लेकिन अभी तक भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं करायी गयी है। 

तृणमूल कांग्रेस के नेता आशीष लाल सिंह ने हालांकि आरोप लगाया कि हमले के तुरंत बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराये जाने के बावजूद पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया, उल्टा भाजपा के शीर्ष स्तर के दबाव के बाद तृणमूल नेताओं के खिलाफ झूठे आरोप लगाये। उन्होंने कहा, हम बिप्लब कुमार देब की सरकार के तहत काम कर रही पुलिस की स्थिति जानते हैं। पुलिस पर हम में से 40 लोगों पर गंभीर आरोप लगाकर गिरफ्तार करने और कम से कम तीन महीने के लिए सलाखों के पीछे डालने का दबाव डाला जा रहा है। इस बीच, पुलिस ने आज तडक़े देबांग्शु के चालक सुरजीत सूत्रधार के घर पर छापा मारा। आशीष लाल सिंह और अन्य पिछले तीन दिन से फरार हैं, जिससे जमीनी स्तर पर तृणमूल की गतिविधियां थम गयी हैं। कथित तौर पर, पुलिस अब उन सभी का नाम आरोपियों की सूची में जोड़ रही है, जो तृणमूल की गतिविधियों में शामिल पाये गये हैं। 

त्रिपुरा पुलिस ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी, पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु, राज्यसभा सांसद डोला सेन, तृणमूल नेता कुणाल घोष, सुबल भौमिक और प्रकाश दास के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया। पुलिस ने खोवाई थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 186 और 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और शिकायतों की जांच शुरू कर दी है। सभी आरोपी नेता रविवार को खोवाई थाने गये थे और अम्बासा में कथित रूप से हमले का शिकार हुए 12 तृणमूल कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस अधिकारियों के साथ पांच घंटे तक बहस हुई थी।