त्रिपुरा पुलिस (Tripura police) ने गुरुवार को एक के बाद एक ट्वीट कर सभी से अपील की है कि सोशल मीडिया पर असत्यापित पोस्ट पर विश्वास न करें और उन पोस्ट को लाइक/रीट्वीट न करें क्योंकि यह अफवाह फैलाने वाला है। 

दरअसल, हाल की सांप्रदायिक घटनाओं के अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में त्रिपुरा पुलिस (Tripura police) की निष्पक्षता पर संदेह व्यक्त करने वाले सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट देखे गए हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए यहां की पुलिस ने कहा है कि वह इन मामलों की पूरी निष्पक्ष और वैध तरीके से जांच कर रही है।

पुलिस ने कहा कि कुछ व्यक्तियों के खिलाफ मामले भी दर्ज किए गए हैं। कल यानी बुधवार को उत्तरी त्रिपुरा जिले में दो धार्मिक समूहों के बीच नफरत पैदा करने की दृष्टि से दुर्भावनापूर्ण प्रचार फैलाने में शामिल पाए जाने वाले चार लोगों को गिरफ्तार किया था। 

मालूम हो कि बीते दिनों त्रिपुरा में सांप्रदायिक हिंसा की घटना सामने आई थी। यहां एक मस्जिद तोड़ दी गई थी, दुकानें जला दी गईं थीं और अल्पसंख्यकों के घरों में तोड़फोड़ की गई थी। बताया जा रहा है कि इस हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाले वकील मुकेश और अंसार इंदौरी पर यूएपीए लगा दिया है।