त्रिपुरा के धलाई जिले के मानिकपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुखार से पीड़ित दो नाबालिग मरीजों की मौत के बाद ग्रामीणों की भीड़ ने एक ऑन-ड्यूटी डॉक्टर की बेरहमी से पिटाई कर दी। सूत्रों के अनुसार दारमिता त्रिपुरा (8) और धर्मंजय त्रिपुरा (5) को तेज बुखार के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया और कुछ ही घंटों में उन्होंने अंतिम सांस ली।

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मृतक के परिजनों का आरोप है कि जो दवाएं दी गई थीं, उसके सेवन से उनके बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। खबर फैलते ही आक्रोशित ग्रामीणों की भीड़ अस्पताल के सामने जमा हो गई और चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रणब देबबर्मा की पिटाई कर दी। डॉ देबबर्मा के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। अधिकारियों ने कहा कि उन्हें चैलेंगटा अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए त्रिपुरा के अगरतला में जीबीपी अस्पताल में रेफर किया गया। 

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पुलिस सूत्रों के अनुसार ऑन-ड्यूटी डॉक्टर ने बीमार बच्चों को दूसरे अस्पताल में रेफर करने के लिए माता-पिता को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद डॉक्टर ने बताया कि देरी से अस्पताल आने के कारण दोनों नाबालिगों को बचाया नहीं जा सका। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने तोड़फोड़ शुरु कर दी। सूचना मिलने पर स्थानीय विधायक मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराया। हालांकि विधायक के मौके से चले जाने के बाद ग्रामीणों की अनियंत्रित भीड़ एक बार फिर जुट गई और डॉक्टर पर हमला कर दिया। सूत्रों ने बताया कि शुरुआती लक्षणों के अनुसार दोनों मृतक बच्चे मलेरिया से पीड़ित थे।