प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशन में त्रिपुरा आगे बढ़ रहा है। पूरे पूर्वोत्तर में प्रगति हो रही है। ये बातें त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव ने शनिवार को गुवाहाटी में आयोजित नॉर्थ-ईस्ट फेस्टिवल-2020 में हिस्सा लेते हुए कहा। उन्होंने कहा, 10 साल पहले पूर्वोत्तर पिछड़ा हुआ था लेकिन, आज प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्य आगे बढ़ रहे हैं और विकास हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पूरा पूर्वोत्तर देश में एक मॉडल बन रहा है।  शनिवार को बिप्लब कुमार देव ने कहा, पहले देश के साथ जुड़े रहने के लिए त्रिपुरा में केवल एक राष्ट्रीय राजमार्ग था। मॉनसून के दौरान असम-अगरतला राष्ट्रीय राजमार्ग क्षतिग्रस्त हो जाता तो यातायात बाधित हो जाता था। उस स्थिति में सामानों का आयात अस्थायी रूप से रुक जाता था। उस मौके का फायदा उठाते हुये कालाबाजारी बढ़ने लगती थी लेकिन, अब प्रधानमंत्री के विकास के अनुरूप त्रिपुरा में सात नई जीवन रेखाएं जोड़ी गई हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ साल में रेल संचार प्रणाली में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। 

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने एक ओर जहां सिखाया है कि उग्रवादियों के साथ कोई समझौता नहीं, वहीं मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से बांस के नृत्य जैसी मिजोराम की लोक कला को फैलाने में उनकी भूमिका सराहनीय है। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर को एक अभिभावक की तरह एकजुट किया है। उन्होंने कहा, मैं दिल्ली में कुछ समय के लिए रहता था, असम के सिलचर शहर को लोग जानते थे लेकिन, त्रिपुरा राज्य का नाम नहीं जानते थे। त्रिपुरा आज उस जगह से बाहर आ गया है। मुख्यमंत्री बिप्लब ने आत्मविश्वास के साथ कहा, त्रिपुरा को एक भूकंप प्रभावित क्षेत्र कहा जाता है, इसलिए बहुमंजिला इमारत खड़ी करने की पहले अनुमति नहीं थी। लेकिन अब वहां 15 मंजिला इमारत बनाई जा रही है। उन्होंने त्रिपुरा की पिछली कम्युनिस्ट शासन की तीखी आलोचना की। उनके अनुसार, लंबे कार्यकाल के बाद भी त्रिपुरा को मुख्यधारा में लाना संभव नहीं था। विकास के नाम पर वो लोग सिर्फ आंदोलन करते थे और उस आंदोलन के साथ हर बार त्रिपुरा में सत्ता में कम्युनिस्ट लौट आते थे।

उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनाव से पहले त्रिपुरा को हीरा बनाने का वादा किया था। उन्होंने उस वादे को पूरा किया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने नदी मार्ग से भी त्रिपुरा को बांग्लादेश से जोड़ा है। उन्होंने दावा किया पूर्वोत्तर राज्यों को परिवहन का खर्च बहुत ज्यादा होता है। जनवरी में त्रिपुरा में मैत्री पुल के लॉन्च के साथ सामान बहुत कम कीमत पर चिटगांग बंदरगाह से सड़क मार्ग द्वारा विभिन्न पूर्वोत्तर राज्यों तक पहुंचने में सक्षम होगा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पूरे पूर्वोत्तर में पर्यटन उद्योग विकसित हो रहा है। अगले दस वर्षों में पूर्वोत्तर पूरे देश में पर्यटन पर बहुत आगे बढ़ जाएगा। मुख्यमंत्री ने देश के लोगों से अपील की है कि पूर्वोत्तर में आइये। पूर्वोत्तर में मां कामाख्या और मां त्रिपुरेश्वरी का आशीर्वाद है। इसलिए यहां से ज्यादातर ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के दिशा-निर्देशन में पूर्वोत्तर की अर्थव्यवस्था को विकास में आगे बढ़ाने का आह्वान किया है।