तृणमूल कांग्रेस खुद त्रिपुरा व मेघालय जैसे राज्यों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है और बंगाल में भाजपा को 'बाहरी' बता रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ 'बाहरी' कार्ड खेलकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अप्रत्याशित जीत हासिल की थी। अब आगामी पंचायत चुनाव में भी ममता बनर्जी इसी को आधार बना रही है।

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ममता ने गुरुवार को उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार में एक सभा में इसके पुख्ता संकेत भी दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाहर से लोग आकर बंगालवासियों का दिमाग खा रहे हैं। वे दरअसल यहां के लोगों का भविष्य नष्ट करना चाहते हैं। ममता का इशारा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की ओर था, जो उसी दिन बंगाल के नदिया जिले में जन सभा को संबोधित कर रहे थे।

दूसरी तरफ बंगाल भाजपा ने इसे लेकर पलटवार किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजुमदार ने कहा कि जेपी नड्डा तो बंगाल के ही जमाई बाबू हैं। वे आपके (ममता बनर्जी) भतीजे की पत्नी से कहीं ज्यादा बंगाली हैं। बताते चलें कि ममता के भतीजे व तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की पत्नी पंजाबी परिवार की बेटी हैं। वहीं नड्डा की पत्नी बंगाली हैं। मजुमदार ने आगे कहा कि वह तो प्रधानमंत्री को भी 'बाहरी' बताती हैं।

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इधर, माकपा की केंद्रीय कमेटी के सदस्य सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री व उनकी पार्टी ने जिस पार्टी के लोगों को 'बाहरी' बताते हुए शोर मचाया था, बाद में उसी पार्टी से बहुत से लोग तृणमूल में शामिल हो गए। देश में कोई कहीं भी जाकर सभा कर सकता है। मुख्यमंत्री तो खुद मेघालय में सभा कर रही हैं।