त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने पूर्व सीएम माणिक सरकार पर हमले के मामले की जांच के आदेश दिए हैं और 48 घंटे में रिपोर्ट भी मांगी है। दरअसल विपक्षी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने सोमवार को आरोप लगाया था कि उन पर पत्थरों से हमला किया गया।

माणिक सरकार ने कहा था कि गत बुधवार को जब वे दक्षिण त्रिपुरा जिले के शांतिरबाजार में पार्टी समर्थकों के घर गए थे उस समय सत्तारुढ़ बीजेपी के संरक्षण में गुड़ों ने उनके नेतृत्व वाले माकपा प्रतिनिधिमंडल पर पत्थरों से हमला कर दिया था। वहीं पुलिस का दावा है कि किन्हीं अज्ञात हमलावरों ने पत्थर फेंके थे,हालांकि इसमें कोई घायल नहीं हुआ है।

प्रतिनिधिमंडल में माणिक सरकार के अलावा विपक्ष के उपनेता बादल चौधरी और अन्य नेता भी मौजूद थे। आरोप है कि इस दौरान बीजेपी के संरक्षण में गुंडों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और वापस जाओ सरकार के नारे भी लगाए। वहीं पार्टी का ये भी आरोप है कि जिस समय हमला हुआ उस समय पुलिस फोर्स चुपचाप तमाशबीन बनी रही।
वहीं त्रिपुरा से बीजेपी की सासंद प्रतिमा भौमिक ने ट्वीट किया और कहा कि राज्य में विपक्ष के नेता पर हमला दुर्भाग्यपूर्ण है।
वैसे बता दें कि त्रिपुरा में इस तरह की हिंसा का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह कई कई घटनाएं सामने आती रही है। फिलहाल ये मामला चर्चा में बना हुआ है। वहीं सीएम बिप्लब कुमार देब ने मामले को लेकर दक्षिण जिला एसपी के अंडर एक जांच समिति का गठन किया है और 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने के सख्त निर्देश भी दिए हैं।