त्रिपुरा उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को 17 मई तक त्रिपुरा आदिवासी क्षेत्र स्वायत्तशासी परिषद (टीटीएडीसी) का चुनाव कराने और नई परिषद गठित करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश अकिल के कुरैशी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले में दर्ज दो जनहित याचिकाओं का निपटारा करते हुए इस आशय का आदेश दिया। याचिकाओं में तत्काल चुनाव कराने की मांग की गयी थी। 

न्यायालय इस संबंध में राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग की ओर दायर उन हलफनामों से संतुष्ट नजर आया जिनमें कहा गया था कि चुनाव को आगे बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है और नयी परिषद का गठन 17 मई तक कर लिया जाएगा। वरिष्ठ सरकारी वकील प्रद्योत धर ने दलील पेश की कि चुनाव पिछले वर्ष मई में ही होना था लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण राज्य में छह माह के लिए राज्यपाल का शासन लागू करना पड़ा। 

इस बीच चुनाव आयोग ने विभिन्न राज्यों और लोकतांत्रिक संस्थानों को चुनाव कराने की मंजूरी दे दी लेकिन त्रिपुरा में कोरोना स्थिति में सुधार नहीं होने के कारण राज्य को राज्यपाल शासन की अवधि 17 मई तक बढ़ानी पड़ी। एडीसी में राज्यपाल शासन के दूसरी बार विस्तार के बाद अपु देववर्मा और एक स्थानीय राजनीतिक संगठन त्रिपुरा पीपुल्स फ्रंट ने राज्य सरकार पर चुनावों को टालकर निर्वाचित परिषद और एडीसी होने के अधिकारों से लोगों को वंचित करने का आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। राज्य सरकार ने अदालत को यह भी सूचित किया कि वह मतदाता सूची तैयार करने और निर्धारित समय के भीतर चुनाव कराने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाएगी। टीटीएडीसी चुनाव के लिए मतदाता सूची का प्रकाशन 15 जनवरी तक कर दिया जाएगा तथा विधानसभा के बजट सत्र के बाद पूरी चुनावी प्रक्रिया की घोषणा कर दी जाएगी।