खनिज रिसर्च में जुटे दो ठेकेदार मजदूरों की लाखों रुपए की कमाई लेकर चंपत हो गए हैं। त्रिपुरा से मजदूरी करने आए मजदूर लाचार व बेबस हो गए हैं।

हालांकि स्थानीय प्रशासन ने खाने व रहने की व्यवस्था के लिए हामी भरी है, लेकिन घर भेजने में असमर्थता जताई है। क्षेत्र के लोगों के मुताबिक कंपनी के ठेकेदार अब फोन भी नहीं उठा रहे हैं। 8 मजदूरों की करीब चार महीने की मजदूरी नहीं दी है।


एक कामगार की मजदूरी लगभग 60 हजार रुपए बकाया है। बेबस मजदूरों ने पुलिस व प्रषासन को अपनी पूरी व्यथा जाहिर की है, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा।

त्रिपुरा के रहने वाले मजदूरों की परेशानी यह भी है कि वो हिन्दी भी ठीक से नहीं बोल पाते हैं। इस वक्त चुनवी गांव में बमुश्किल अपना गुजर-बसर कर रहे हैं। मजदूरों ने ठेकेदारों की तस्वीरें भी जारी की हैं।