अगरतला। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने ग्रामीण आबादी तक बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करने के लिए मंगलवार को त्रिपुरा ग्रामीण बैंक (टीजीबी) के 101 व्यावसायिक पत्राचार (बीसी) केंद्रों को लॉन्च किया। डॉ. साहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्तीय लेनदेन को डिजीटलीकरण करके, अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता ला दी है। उन्होंने लोगों को बैंकिंग नेटवर्क के तहत आने को प्राथमिकता दी है। डॉ. साहा ने कहा कि बैंकों ने गांवों में भी अपनी शाखाओं का विस्तार किया है और सरकार की वित्तीय समावेशन नीति के तहत शहरी क्षेत्रों और कस्बों में स्थानीय और राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाओं की संख्या में भी वृद्धि हुई है।

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टीजीबी के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने कहा कि 33 बैंक स्वयंसेवकों सहित अपने मौजूदा 222 बीसी के साथ एक नया 101 बीसी केंद्र जोड़ा है। टीजीबी वर्तमान में बीसी के अलावा राज्य में 148 शाखाएं, 17 अति लघु शाखाएं और एक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) संचालित करता है। बैंक पिछले तीन वर्षों से देश में शीर्ष रैंकिंग क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) में से एक के रूप में उभरा है और इसका कुल कारोबार 2.50त्न बढ़ा है, जो इस वर्ष मार्च तक 10530.77 करोड़ रुपये है। 

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सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री जन धन खाता (48.72त्न), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (35.81त्न), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (46.51त्न) और अटल पेंशन योजना (58.21त्न) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में त्रिपुरा के बैंकों के बीच टीजीबी ने सबसे अधिक हिस्सेदारी का योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि बैंकिंग संवाददाता केंद्र लोगों को आधार-सक्षम भुगतान प्रणाली, जमा, शेष पूछताछ, फंड ट्रांसफर, एसएचजी में लेनदेन, पासबुक की छपाई, खाता खोलना, और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में नामांकन के माध्यम से भुगतान के लिए 12 घंटे की सेवा (सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक) तक पहुंचने में सक्षम बनाएंगे।