त्रिपुरा के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री सुशांता चौधरी ने बुधवार को त्रिपुरा जनजातीय स्वायत्त जिला परिषद (एडीसी) इलाके में जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की और पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल की कमी के बारे में जानकारी ली। 

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चौधरी ने खुमलुंग के एडीसी मुख्यालय में राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में एडीसी के मुख्य कार्यकारी सदस्य पूर्ण चंद्र जमातिया, टीपरा मोथा के कार्यकारी सदस्य प्रद्योत किशोर देबबर्मन तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे। चौधरी ने बैठक के बाद कहा, हमारी सरकार बिना राजनीति किए हुए सभी के लिए समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपना पदभार संभालते के बाद सभी को पीने के लिए साफ पानी और मुलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रथमिक्ता दी है। ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि वाम दलों की शासन में इस समस्या का हल नहीं किया गया। 

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एक रिपोर्ट के अनुसार एडीसी के 50 प्रतिशत घरों को पीने की साफ पानी तक पहुंच नहीं है और बड़ी संख्या में पहाड़ी लोग झरने की पानी पर निर्भर हैं। इसी के कारण जिला परिषद क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कई बिमारियों का सामना करना पड़ता है। उल्लेखनीय है कि यह पहली बार है जब किसी मंत्री ने एडीसी के अधिकारियों और प्रशासन के साथ पानी की समस्या पर बैठक की है। पचास साल से पहाड़ी लोगों पानी की समस्या से जूझ रहे हैं । प्रत्येक साल गर्मियों के समय में अधिकतर लोग पानी और वेक्टर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझते हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है।