त्रिपुरा उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की स्थिति से निबटने के लिए केंद्रीय विशेषज्ञ टीम की सलाह के बाद किए गए उपायों के बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। 

त्रिपुरा उच्च न्यायालय ने मिडिया रिपोर्ट्स के आधार पर राज्य में कोरोना के अचानक बढ़ते मामले और अस्पतालों के गहन चिकित्सा कक्ष में कथित तौर पर ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित होने के कारण कोरोना मरीजों की मौत के मामले में स्वयं संज्ञान लिया था। इस पर सुनवाई में न्यायालय ने राज्य सरकार से केंद्रीय विशेषज्ञ टीम की सलाह के बाद किए गए उपायों के बारे में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

मुख्य न्यायाधीश अकिल कुरैशी और न्यायमूर्ति शुभाशीष तलपत्रा की खंडपीठ ने अगली सुनवाई के लिए पांच अक्टूबर की तारीख तय की है। महाधिवक्ता अरुण कांति भौमिक ने मिडिया को बताया कि राज्य सरकार केंद्रीय मेडिकल टीम की सिफारिशों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में कोर्ट में एक हलफनामा प्रस्तुत करेगी और प्राधिकारियों द्वारा कोरोना के प्रबंधन में सुधार के लिए उठाए गए कदमों के बारे में न्यायालय को बताएगी।

उल्लेखनीय है कि त्रिपुरा में कोरोना वायरस के प्रसार के कारण राज्य में संक्रमितों और मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ने से सभी की चिंता बढ़ा दी है। कोविड अस्पतालों में कुप्रबंधन के आरोपों की रिपोर्ट पर ध्यान देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने विशेषज्ञों की एक टीम को त्रिपुरा भी भेजा है।

त्रिपुरा में कोरोना से अबतक 25 हजार से अधिक लोग संक्रमित हो गए हैं जबकि मृतकों की संख्या में भी वृद्धि हुई है और यह 274 हो गई है।