त्रिपुरा के उपमुख्यमंत्री और वित्तमंत्री जिष्णु देव वर्मा ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 569.52 करोड़ रुपये के घाटे को छोड़कर 26,893 करोड़ रुपये का कर-मुक्त बजट पेश किया। देव वर्मा ने कहा कि प्रस्तावित बजट में पिछले वर्ष आवंटित बजट की तुलना में 18.34 प्रतिशत की वृद्धि का संकेत दिया गया है, जबकि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 13.28 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। 

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उन्होंने कहा, कोविड-19 की चुनौती के बावजूद राज्य सरकार ने बहुआयामी रणनीतियों अपनाकर इसके प्रभाव को कम करने के लिए समय पर कदम उठाए। इस वर्ष सरकार 12.16 प्रतिशत की वृद्धि को सुरक्षित करने में सक्षम है। वर्मा ने कहा कि इस साल अक्टूबर से मासिक सामाजिक पेंशन को बढ़ाकर 2000 रुपये करने के लिए बजट में 645 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा त्रिपुरा राज्य के राइफल्स जवानों की सेवानिवृत आयु 57 से बढ़ाकर 60 साल की जाएगी। साथ ही उन्हें अन्य लाभ देने की प्रावधान भी किया गया है। 

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बजट आवंटन पिछले वित्तीय वर्ष में कुल व्यय में 18.94 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है, जबकि राज्य का अपना गैर-कर राजस्व 1.47 प्रतिशत और कर राजस्व 10.82 प्रतिशत होने का अनुमान है। बजट में अन्य स्रोतों से कुल बजट का 10.62 प्रतिशत और 2.47 प्रतिशत बाजार ऋण और उधार का अनुमान लगाया गया है। मंत्री ने कहा , बजट में शिक्षा के क्षेत्र का सबसे अधिक ख्याल रखा गया है। मैंने शिक्षा के लिए आगामी वर्ष के लिए 5010 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो पिछले साल से 20.66 करोड़ ज्यादा हैं। इसके अलावा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के लिए 21 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। साथ ही राज्य में अगले साल एक अंग्रेजी माध्यम कॉलेज शुरू किया जाएगा। 

बजट में कहा गया है कि लगभग 41.19 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों का वेतन, मेहनताना और पेंशन देने में खर्च किया जाएगा, जबकि 9.38 प्रतिशत बजट लोन और ब्याज भुगतान में किया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में 4.1 लाख स्थानीय परिवारों की शिक्षा, आजीविका और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए खर्च किया जाएगा। राज्य ने आदिवासी समुदायों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए 1300 करोड़ रुपये की विश्व बैंक परियोजना भी हासिल की है। वित्त मंत्री ने कहा,‘‘मैंने एक नयी परियोजना का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत त्रिपुरा स्वास्थ्य योजना दी जाएगी। यह एक लाख कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कवर करेगी। इसको शुरू करने के लिए बजट में 20 करोड़ रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है। 

इस बीच माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने बजट को हकीकत से परे बताया और कहा कि यह मतदाताओं को लुभाने का एक प्रयास है। इसमें इस बात का जिक्र नहीं है कि बजट में घाटे को कैसे कवर किया जाएगा। बजट को लेकर माकपा विधायक भानू लाल साहा ने कहा कि इससे 33.58 प्रतिशत कर्जा बढ़ जाएगा। पिछले वर्ष की तरह बजट में की गई घोषणाओं को पूरा नहीं किया जा सकता और न ही इससे संकंट से निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि चार बजट में वित्तमंत्री ने कई घोषणा कीं, लेकिन उनमें से किसी को भी लागू नहीं किया गया। सरकार के कैबनेट के अधिकतर फैसले सच्चाई से कोसों दूर हैं।