त्रिपुरा में कोविड-19 की स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए, राज्य सरकार ने "कोरोना संकट प्रबंधन समूह" का गठन किया है और राज्य स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक समितियों के गठन के माध्यम से स्थिति से निपटने के लिए रूपरेखा तैयार की गई है। त्रिपुरा के मुख्य सचिव – मनोज कुमार, जो राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष भी हैं, ने राज्य स्तर से जिला स्तर, ब्लॉक स्तर और एडीसी, अगरतला नगर निगम (एएमसी) के लिए अलग-अलग समितियां बनाने का आदेश जारी किया है।

सरकार के प्रवक्ता और कानून मंत्री रतन लाल नाथ ने कहा कि “मुख्य लक्ष्य संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी उपाय करना है। समितियां दैनिक आधार पर स्थिति की समीक्षा करेंगी, आवश्यक उपाय करेंगी और इस महामारी से लड़ने के लिए लोगों में जागरूकता पैदा करेंगी।” राज्य स्तरीय समिति में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री, शिक्षा मंत्री, पूर्व और पश्चिम त्रिपुरा के सांसद, राज्यसभा सांसद, मुख्य सचिव, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के सचिव, त्रिपुरा पुलिस प्रमुख, निदेशक और सचिव शामिल हैं।


इसके अलावा, जिला मजिस्ट्रेट, जिला पुलिस अधीक्षक, जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी समिति का हिस्सा हैं। इसी तरह, स्थानीय विधायकों, ग्राम प्रधानों, ग्राम सचिवों, नगर आयुक्तों और कई प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ब्लॉक, नगर परिषद, एएमसी, पंचायत और ग्राम स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। नाथ ने कहा कि “त्रिपुरा सरकार ने एकजुट तरीके से प्रकोप से लड़ने का फैसला किया है। हमें उम्मीद है कि समितियां समग्र स्थिति से निपटने में समन्वय और सहयोग करेंगी, ”।