त्रिपुरा सरकार ने मंगलवार को सिपाहीजला जिले के अंतर्गत श्रीमंतपुर के पास स्थित अंतर्देशीय जलमार्ग टर्मिनल के विकास और रखरखाव के लिए अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण और भारतीय लैंडपोर्ट प्राधिकरण के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

केंद्रीय जलमार्ग और बंदरगाह मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने त्रिपुरा राज्य अतिथि गृह में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कार्यक्रम की अध्यक्षता की। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब और त्रिपुरा के परिवहन मंत्री प्रणजीत सिंघा रॉय भी समारोह में शामिल हुए।

बाद में मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले के अंतर्गत श्रीमंतपुर में स्थापित अंतर्देशीय जलमार्ग टर्मिनल के विकास और रखरखाव के लिए 25 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा -त्रिपुरा में अंतर्देशीय जलमार्ग कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए कुल 10 जेटी स्थापित करने के लिए गोमती नदी में ड्रेजिंग के लिए 25 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है। ड्रेजिंग कार्य पूरा होने के बाद कार्गो जहाजों, यात्री जहाजों और नदी क्रूज सुविधाओं को पेश किया जा सकता है, 

इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जलमार्ग कनेक्टिविटी शुरू करने की व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए राज्य की अन्य नदियों में हाइड्रोलिक सर्वेक्षण किया जाएगा और इसके आलावा त्रिपुरा में 50 बिस्तरों वाला आयुष अस्पताल स्थापित किया जाएगा।

इस मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने कहा - आज जिस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं वह त्रिपुरा को दो तरह से मदद करेगा। सबसे पहले सोनमुरा-दाउदकंडी प्रोटोकॉल रूट के 40 किलोमीटर के हिस्से को ड्रेज किया जाएगा। स्थायी ड्रेजिंग करने के लिए त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में गंभीर बाढ़ का कारण बनने वाली अन्य नदियों के बारे में भी चर्चा हुई।

देब ने कहा कि परियोजना के पूरा होने के बाद त्रिपुरा निर्माण सामग्री को सस्ती कीमत पर आयात करने में सक्षम होगा और राज्य के लिए त्रिपुरा से गेहूं जैसी कृषि वस्तुओं की निर्यात क्षमता का दोहन करने के अवसर खुलेंगे।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने 2022-23 के बजट पर रवींद्र सतबर्शिकी भवन में जनसभा को संबोधित किया और भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित किया.