त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने नीति आयोग की शासी परिषद की 7वीं बैठक में राज्य में कृषि के तहत आत्मनिर्भरता, शिक्षा में सुधार, शहरी नियोजन और बुनियादी सुविधाओं में सुधार लाने पर बल दिया है। बैठक को संबोधित करते हुए डॉ साहा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा, पोषण सुरक्षा, मिट्टी की उच्च गुणवत्ता और किसानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए, मक्का और ब्लैकग्राम के साथ 50,000 हैक्टेयर में विविधता लाने के लिए उनकी सरकार तीन वर्षीय योजना पर काम कर रही है, जिसे अगले वर्ष तक पूरा कर लिया जाएगा। 

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उनकी सरकार नई हाइब्रिड और उच्च उपज किस्मों, क्लस्टर खेती, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, मशीनीकरण और प्रक्रमण समर्थन, किसानों का क्षमता निर्माण और खेती का डिजटलाइजेशन पर बल दे रही है। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय संचालन समिति और कार्यान्वयन समिति का गठन पहले ही किया जा चुका है और दोनों समितियों की पहली बैठक हो चुकी है और राज्य ने किसानों का डाटाबेस तैयार करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित कर ली गयी है। 

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विद्यालय स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के संदर्भ में बताते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि 2018 में वर्तमान सरकार के गठन के बाद, शिक्षा पद्धति बच्चों के सर्वांगीण विकास की ओर उन्मुख है, जिसमें बच्चों में गुणवत्ता, पहुंच और 21वीं सदी के कौशल से लैस करने पर विशेष बल दिया गया है। डॉ साहा ने कहा कि इसके अलावा 20 शहरी निकायों के लिए मास्टर प्लानिंग अपनी उन्नत अवस्था में है और जून 2023 तक प्रकाशित हो जाएगा। हमने 500 वर्ग किमी से ज्यादा में उचित शहरी नियोजन और बुनियादी संरचना का विकास करने के लिए त्रिपुरा शहरी योजना और विकास प्राधिकरण की स्थापना की है।