त्रिपुरा बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन ( TBSE) पहली बार 'बोचोर बचाओ' एग्जाम आयोजित करने जा रहा है। ये एग्जाम छात्रों का साल बचाने के लिए है, जो कि सितंबर में होगा।

त्रिपुरा सरकार ने ‘Bochor Bachao’ स्कीम इसी साल इंट्रोड्यूस की है। इस स्कीम का मुख्य मकसद छात्रों का साल बचाना है। इसमें जो छात्र कुल 150 अंक प्राप्त करता है लेकिन दो सब्जेक्ट में फेल होगा। उसे, बोर्ड परीक्षा या कॉलेजों में दाखिले की गारंटी के मामले में अगली क्लास में प्रमोट कर दिया जाएगा।

इस स्कीम के तहत प्रमोट किए गए छात्र को री-टेस्ट क्लीयर करना होगा, जो कि बोर्ड रिजल्ट्स जारी होने के 75 दिनों के भीतर लिया जाएगा। टीबीएसई के अध्यक्ष डॉ भबतोष साहा ने कहा, हम 20 अगस्त तक बोचोर बचाओ परीक्षा आयोजित करने के लिए एक विज्ञापन देने वाले हैं। यह छात्रों को एक साल बर्बाद किए बिना परीक्षा देने का दूसरा मौका देगा।

टीबीएसई के अध्यक्ष डॉ भबतोष साहा ने कहा, हमने सितंबर में परीक्षाएं आयोजित करने का फैसला किया है। कोविड -19 स्थिति के आधार पर निर्णय को बदला जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि बोर्ड परीक्षा की आंसर स्क्रीप्ट्स का रिवव्यू अगस्त तक खत्म हो जाएगा।

टीबीएसई ने 3 जुलाई को कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित किया, जिसमें 69.49% छात्र उत्तीर्ण हुए। कक्षा 12 के परिणाम 31 जुलाई को घोषित किए गए जिसमें पास प्रतिशत 80.80% था।

बोर्ड को अब तक 17082 पेपर्स के रिव्यू के लिए लगभग 5,000 छात्रों से आवेदन प्राप्त हुए हैं। यदि किसी छात्र ने 150 अंक पाए और तीन विषयों में फेल हो गया, तो वह बोचोर बचाओ परीक्षाओं के लिए बैठ सकता है, उसने रिव्यू प्रोसेस के दौरान एक विषय में पास अंक प्राप्त किए या नहीं। इसलिए, हम रिव्यू प्रोसेस के समापन के बाद परीक्षा आयोजित करेंगे।