त्रिपुरा में बिप्लब कुमार देब (Biplab kumar deb) सरकार के एक मंत्री समेत पार्टी के 15 वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश पार्टी अध्यक्ष डॉ. मणिक साहा (Manik Saha) का इस्तीफा मांगने पर खलबली मची है। मंत्री और पार्टी वरिष्ठ नेताओं ने उन पर पार्टी और संगठनों का प्रबंधन करने में विफल रहने का आरोप लगाया। 

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सहकारिता, अग्निशमन एवं आपातकाल सेवा मंत्री राम प्रसाद पॉल (Ram Prasad Paul) और अन्य ने डॉ. साहा को पत्र दिया और नयी दिल्ली में पार्टी शीर्ष पदाधिकारियों को एक प्रति भेजकर प्रदेश अध्यक्ष पर आरोप लगाया है कि राज्य में भाजपा में दो वर्षों से गंभीर स्थिति बनी हुई हैं और पार्टी के आंतरिक कलह ने भविष्य के लिए अनिश्चितता पैदा कर दी हैं। केन्द्र में पार्टी शीर्ष पदाधिकारियों को भेज पत्र में कहा, हम सभी भाजपा के राज्य स्तर के वरिष्ठ नेता जिन्होंने इस संगठन के साथ लगभग 30 साल बिताए हैं, त्रिपुरा प्रदेश भाजपा (Tripura Pradesh BJP) के अध्यक्ष के रूप में आपके पिछले 26 महीनों में आपको यह बताते हुए खेद हो रहा है कि पार्टी को न केवल राज्य के लगभग हर मंडल में गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा है, बल्कि कार्यकर्ताओं (कार्यकर्ताओं) और निर्वाचित सरकारी निकायों जैसे पंचायत सदस्य, विधायक आदि का नैतिक स्तर इतना नीचे पहुंच गया है कि वे अपने आधिकारिक पदों को छोड़ने और पार्टी छोड़ने की भी जहमत नहीं करते। 

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उन्होंने दावा किया कि जनवरी 2020 में डॉ. माणिक साहा (Manik Saha) के त्रिपुरा भाजपा के अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी हर मंडल में दो गुटों में बट गयी है और शर्म की बात है कि पुलिस को कई में पार्टी के अंदरूनी लड़ाई रोकने के लिए हस्तक्षेप करती है। पार्टी नेताओं ने पत्र में आरोप लगाया, हालात बदतर हो गए हैं क्योंकि शायद ही आपने पिछले 26 महीनों में व्यक्तिगत रूप से किसी मंडल और जिलों का दौरा किया है ताकि यह मूल्यांकन किया जा सके कि चीजें गलत क्यों हो रही हैं और न ही पार्टी के रैंक और फाइल के बीच पैदा हुए मुद्दों और असंतोष को हल करने के लिए कोई समाधान नहीं निकाला। पार्टी पिछले तीन वर्षों की सत्ता में है, पिछले वर्ष अप्रैल में भाजपा त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) का चुनाव (TTAADC Elections in Tripura) हार गयी थी। बड़े स्तर पर हुई ङ्क्षहसा के कारण राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और शहरी स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी और सरकार के बीच कोई समन्वय नहीं है, जिसके कारण जनता राज्य सरकार से नाखुश है। 

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नेताओं ने दावा किया कि डॉ. साहा येनकेन प्रकारेण बीआईपी के अध्यक्ष (President of BIP) बने। उन्होंने पार्टी संगठन संविधान का उल्लंघन किया गया है कि कोई भी पार्टी कार्यकर्ता कम से कम 10 वर्षों के प्रत्यक्ष पदाधिकारी अनुभव के बिना प्रदेश अध्यक्ष नहीं बन सकता है, लेकिन डॉ. साहा ने वर्ष 2016 में भाजपा से जुड़े और वर्ष 2020 में पार्टी अध्यक्ष बन गए। यह भाजपा कार्यकर्ताओं को स्वीकार नहीं है। नेताओं ने कहा, माणिक जी अब ग्रामीण परिषद, पांच विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव और वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव समेत तीन चुनाव होने हैं, कृपया पार्टी के हित के लिए अपनी कुर्सी छोड़ दें और भाजपा को हर चुनाव में जीतने के लिए मदद करें। इस महत्वपूर्ण समय में आप इस पद को खाली कर, एक नए सक्षम अनुभवी व्यक्ति को भाजपा त्रिपुरा अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने में मदद करें।