त्रिपुरा सरकार ने राज्य में राशन कार्डों को आधार कार्ड से शत-प्रतिशत लिंक करने का कार्य पूरा कर सार्वजनिक उपयोगिता के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है. नागरिक सचिवालय में खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक दौरान मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब  ने जानकारी को साझा किया। 

उच्च स्तरीय बैठक में जारी एक सरकारी प्रेस बयान में कहा गया है, खाद्य, लोक संसाधन और उपभोक्ता मामलों के विभाग के सचिव शरदिंदु चौधरी ने कहा कि राज्य में कुल मिलाकर 1,884 उचित मूल्य की दुकानें हैं और इनमें से 466 शहरी और शेष ग्रामीण क्षेत्रों में।

बैठक में उन्होंने बताया कि  “यह सुनिश्चित करने के लिए कि राशन का सामान योग्य व्यक्तियों तक पहुंचे, सभी राशन की दुकानों में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण शुरू किया गया है। और आधार डेटा के सिंक्रनाइज़ेशन के कारण, त्रिपुरा के लोग अब नए दिए गए राशन कार्ड के माध्यम से देश के किसी भी हिस्से से राशन लेने में सक्षम हैं”, 

बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि राशन के सामान के प्रवाह को पारदर्शी रखने के लिए स्टॉक प्रबंधन से लेकर माल की डिलीवरी तक की सभी प्रक्रियाओं की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी।

शरदिंदु चौधरी यह भी बताया कि राज्य सरकार ने 408 से अधिक राशन की दुकानें खोलने का निर्णय लिया है, जिनमें से 159 पहले से ही खुल चुकी है .

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा, "केंद्र सरकार परिवहन लागत के रूप में 28 प्रतिशत का भुगतान कर रही है और इस प्रकार यदि कोई गैस एजेंसी लाभार्थियों के घरों में गैस सिलेंडर देने से इनकार करती है तो सख्त कार्रवाई की जरूरत है।"