त्रिपुरा राज्य के आठ जिलों के 95 स्कूलों और कॉलेजों में लगभग 6,000 छात्र एनसीसी कैडेट हैं। इनमें भी लगभग 2,500 बालिका एनसीसी कैडेट हैं। राष्ट्रीय कैडेट कोर के महानिदेशक (डीजी एनसीसी) लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीरपाल सिंह ने दुनिया के इस सबसे बड़े यूनिफॉर्म युक्त युवा संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करने के लिए अगरतला, त्रिपुरा का दौरा किया है।

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मेजर जनरल भास्कर कलिता और समूह कमांडरों द्वारा उन्हें इस पूर्वोत्तर क्षेत्र के सभी राज्यों के कैडेटों द्वारा की जाने वाली गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई। डीजी एनसीसी ने त्रिपुरा सरकार में शिक्षा मंत्री रतन लाल नाथ और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बातचीत की तथा कई मुद्दों पर चर्चा की जिनमें एनसीसी के लिए समर्पित इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण, सीमा क्षेत्र विस्तार योजना, कॉलेजों में वैकल्पिक विषय के रूप में एनसीसी की शुरूआत और त्रिपुरा राज्य में एनसीसी गतिविधियों को समग्र रूप से प्रोत्साहन देने की जरूरत जैसे मुद्दे शामिल रहे। एनसीसी के पास इस राज्य के आठ जिलों के 95 स्कूलों और कॉलेजों में लगभग 6,000 कैडेट हैं, जिनमें लगभग 2,500 बालिका कैडेट हैं।

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डीजी एनसीसी ने यहां की इकाइयों के प्रयासों की सराहना की और त्रिपुरा में एनसीसी इकाइयों के योग्य कैडेटों, प्रशिक्षकों तथा नागरिक कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किए। गौरतलब है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) प्रावधान करती है कि रक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में, राज्य सरकारें आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्थित अपने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में एनसीसी विंग खोलने को प्रोत्साहित कर सकती हैं। शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड एनसीसी को उन स्कूलों में नौवीं-बारहवीं कक्षा में एक वैकल्पिक विषय के रूप में प्रदान करता है, जो एनसीसी की पेशकश करते हैं और इसका प्रबंधन रक्षा मंत्रालय के तहत एनसीसी निदेशालय द्वारा किया जाता है। एनसीसी प्रशिक्षण महानिदेशक, एनसीसी, रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी प्रावधानों और नीति के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति में भी लागू किया जाता है।