बंगाल में तीसरी बार सत्ता पर काबिज होने के बाद से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सपना एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस को राष्ट्रीय पार्टी बनाना ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में प्रभावी विस्तार की योजना बना रही है। भाजपा के खिलाफ विरोधी दलों को एकजुट भी कर रही हैं ताकि ममता खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकल्प चेहरे के रूप में प्रोजेक्ट कर सके।

21 जुलाई को शहीद दिवस के बाद अब तृणमूल कांग्रेस ने 16 अगस्त को खेला होबे दिवस बंगाल के साथ भाजपा शासित गुजरात, उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा, असम सहित अन्य राज्यों में भी मनाने की तैयारी कर रही है। बता दें कि इस साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस का ‘खेला होबे’ नारा खूब लगाया था और जीत भी मिली। इसके बाद तृणमूल प्रमुख ने घोषणा की है कि हर साल 16 अगस्त को ‘खेला होबे दिवस’ मनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि बंगाल का खेला होबे का नारा था, अब यह देश के हर राज्य में लगेगा। यह नारा अब केवल बंगाल का नहीं, बल्कि पूरे देश का नारा बन गया है। तृणमूल की ओर से बताया गया है कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 16 अगस्त को फुटबाल मैच का आयोजन किया जाएगा।

दूसरी ओर, भाजपा 16 अगस्त को खेला होबे दिवस मनाने का विरोध कर रही है। भाजपा विधायक और विधासनभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इस बाबत राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात कर दिन परिवर्तन की मांग की थी। भाजपा का कहना है कि जिन्ना ने 16 अगस्त, 1946 को डायरेक्ट एक्शन की घोषणा की थी जिसके बाद बंगाल से लेकर कई राज्यों में भीषण दंगा हुआ और कत्लेआम हुआ था। बंगाल भाजपा ने 16 अगस्त से दो दिन पूरे बंगाल में कथित तृणमूल के हमले में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि देने के लिए शहीद सम्मान यात्रा निकालने की घोषणा की है।