अगरतला: केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक ने संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों को कथित रूप से गुमराह करने के लिए त्रिपुरा शाही वंशज प्रद्योत देबबर्मा के नेतृत्व वाली टीआईपीआरए पार्टी की आलोचना की।

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उन्होंने प्रद्योत देबबर्मा के नेतृत्व वाली टीआईपीआरए पार्टी की "ग्रेटर टिपरालैंड" की मांग को 'विभाजनकारी' करार दिया। यह बात त्रिपुरा भाजपा की वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक ने पश्चिम त्रिपुरा जिले के मंडवई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।

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जब माकपा सत्ता में थी तब प्रद्योत देबबर्मा की लंबे समय तक चुप्पी पर सवाल उठाते हुए प्रतिमा भौमिक ने कहा, "अगर वह (प्रद्योत) वास्तव में राज्य के स्वदेशी लोगों के लिए महसूस करते, तो वह बहुत साल पहले उनकी दुर्दशा का जवाब देते।"

उन्होंने कहा ,जब त्रिपुरा में वाम मोर्चा मामलों के शीर्ष पर था तो उन्होंने उन मुद्दों पर एक विशिष्ट चुप्पी बनाए रखी जो आदिवासी लोगों के विकास को प्रभावित करते थे। और निश्चित रूप से माकपा भी टिपरा को गति प्राप्त करने में मदद कर रही है। 

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त्रिपुरा के शाही वंशज पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रद्योत देबबर्मा कथित तौर पर राज्य के आदिवासी लोगों के मुद्दों को उठाने में विफल रहे, जबकि वह और उनका परिवार कई दशकों से शक्तिशाली राजनेता थे।

प्रतिमा भौमिक ने कहा, प्रद्योत देबबर्मा के पिता एक सांसद थे उनकी माँ भी एक सांसद थीं। उन्होंने कांग्रेस में कई शक्तिशाली पदों पर भी कार्य किया। इन सबके बावजूद उन्होंने आदिवासियों की समस्याओं के लिए कुछ नहीं किया। 

भाजपा-आईपीएफटी सरकार के सत्ता में आने के बाद, पहाड़ियों में सड़कों, पानी की कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाया गया। हमारी सरकार मिशन मोड पर काम कर रही है। जब लोगों को वह सेवाएं मिलने लगीं जो लंबे समय से बकाया थीं, वह माकपा के लिए रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे थे।