प्रतिबंधित नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) के तीन उग्रवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

पुलिस ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान, उन्होंने बताया कि भोजन और पैसे की भारी कमी ने उन्हें पड़ोसी बांग्लादेश में अपने आधार शिविरों से भागने और आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर किया है।

उग्रवादियों की पहचान उत्तरी त्रिपुरा जिले के आनंद बाजार थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों के निवासी अलींद्र रियांग (25), अनीदा रियांग (35) और ड्राकुमार रियांग (30) के रूप में हुई है।

एक अधिकारी के अनुसार उन्होंने पुलिस को बताया कि वे 2019 में उग्रवादी संगठन में शामिल हुए और बांग्लादेश में उसके शिविरों में प्रशिक्षण लिया। उन्होंने बताया कि वे राज्य के आंतरिक इलाकों में रंगदारी की गतिविधियों में शामिल थे।

अधिकारी ने बताया, "उन्हें जंगल के जीवन के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और वे अपने तथाकथित नेताओं के बुरे व्यवहार से भी निराश हुए जो बांग्लादेश और म्यांमार में आलीशान जीवन बिता रहे हैं।"