पूर्वोत्तर में कई आतंकी संगठन है जो राज्य सरकार और स्थानिय लोगों को कई चीजों को लेकर परेशान करते रहते हैं। की हिंसात्मक काम करते हैं जिससे राज्य में तनाव की स्थिती रहती है। इसी तरह से त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (NLFT) के विद्रोहियों द्वारा बंधक बनाए गए 3 लोगों को वापस लाने के लिए ’सर्जिकल स्ट्राइक’ किया है। सीएम बिप्लब देब ने NLFT विद्रोहियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि उनकी सरकार आतंकवादियों पर एक 'सर्जिकल स्ट्राइक' करेगी, अगर वे नागरिकों को रिहा नहीं करते हैं तो।

बता दें कि किसी को भी नहीं पता था कि त्रिपुरा के मुख्यमंत्री केवल धमकी नहीं दे रहे थे, बल्कि वह अपने शब्दों के बारे में गंभीर थे। रिपोर्ट के अनुसार बिप्लब देब ने यह बयान दिया कि उन्होंने पहले ही NLFT के चंगुल से 3 बंधकों को वापस लाने के लिए एक ऑपरेशन शुरू कर दिया था। देब ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को सीधे फोन किया, उनकी सरकार से 3 बंधकों की रिहाई के लिए सहयोग की मांग की। जिसमें बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने बंधकों को बचाने के लिए सेना के ऑपरेशन का वादा किया।

जल्द ही बांग्लादेश सेना ने कथित तौर पर तीन बंधकों को बचाने के लिए एक अभियान शुरू किया। सूत्र ने बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ धनराशि का भुगतान भी किया गया था कि वे बंदी को नहीं मारेंगे। इस बीच, कैद में 16 दिनों के बाद सभी 3 व्यक्ति वापस आ गए हैं। तीन व्यक्तियों को NLFT द्वारा जारी किया था। रिहा किए गए तीनों व्यक्ति अब बीएसएफ कैंप में हैं और अच्छी स्थिति में हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि तीनों व्यक्ति भारत-बांग्लादेश सीमा के स्तंभ संख्या 2273 के पास भारतीय सीमा के पार गए थे।