वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे को देखते हुए त्रिपुरा-बंगलादेश सीमा पर किसी तरह की घुसपैठ को रोकने के लिए कड़ी निगरानी के बीच मोहनपुर में संदिग्ध तस्करों के भारतीय सीमा में प्रवेश करने की सूचना के बाद अब यहां स्थानीय लोगों और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों के बीच झड़पों से तनाव का माहौल है। 

ग्रामीणों ने बीसीएफ की चौकी के पास बाड़बंदी में कट के निशान और वहां एक गाय और बछड़े को पाकर बीएसएफ पर सीमा की चौकसी बरतने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। मोहनपुर क्षेत्र अगरतला-खोवई रोड से लगा हुआ क्षेत्र है। ग्रामीणों ने आज सुबह बीएसफ शिविर पर पथराव किया। उधर, ग्रामीणों के आरोप लगाया कि देश में कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच दो सप्ताह पहले बंगलादेशी नागरिकों का एक समूह भारतीय क्षेत्र में घुसा था, लेकिन उन्हें वापस भेज दिया गया। 

हाल ही में राज्य सरकार ने सीमा की दूसरी पंक्ति की चौकसी के लिए त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीआरएस) की तैनाती की है। खुद मुख्यंमंत्री सीमा पर होने वाली घुसपैठ के और ग्रामीणों की चिंताओं के लेकर सतर्क हैं। ग्रामीणों ने सवाल किया, सीमा पर डेढ़ किलोमीटर के दायरे में बीएसएफ के पांच निगरानी केंद्र हैं, लेकिन इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद घुसपैठिये भारतीय सीमा में प्रवेश की कोशिश कैसे करते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि बीएसएफ के जवान अब उन पर दबाव डाल रहे हैं और इसमें बीएसएफ जवानों की मिली भगत है।  

बीएसएफ के अधिकारी हालांकि इस बारे में टिप्पणी करने के तैयार नहीं हुए। पुलिस का कहना है कि किसी ने भी गाय और बछड़े के मालिकाना हक के लिए दावा नहीं किया। वे लोग बीएसएफ के साथ हैं। त्रिपुरा सरकार ने कोविड़-19 के प्रसार को रोकने के लिए सीमा की चैकसी कड़ी कर दी है क्योंकि बंगलादेश की भारतीय सीमा से लगे ब्रह्मनंबारिया तथा कोमिला जिले में यह महामारी फैल चुकी है।