शीर्ष अदालत (Supreme Court) त्रिपुरा निकाय चुनाव से पहले हुई हिंसा के संबंध में एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव को स्थगित करने से इनकार करते हुए कहा कि चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा सरकार को चुनाव से पहले और चुनाव के दौरान शांति बनाए रखने का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा, "... TMC की आशंका को त्रिपुरा सरकार को निर्देश जारी करके उचित रूप से संबोधित किया जा सकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नगरपालिका चुनाव के शेष चरण शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से हों।"
त्रिपुरा राज्य में नगर निकायों के चुनाव से पहले भाजपा और TMC के बीच राजनीतिक तनाव का नया केंद्र बन गया है। TMC ने त्रिपुरा में "बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति" के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने चुनावों को स्थगित करने से इनकार कर दिया और राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हो।
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि "हम चुनाव स्थगित करने के इच्छुक नहीं हैं, लेकिन हम समान रूप से इस विचार के हैं कि DGP, IGPऔर गृह सचिव का कर्तव्य है कि वे चुनावी प्रक्रिया का समर्थन करने में कानून प्रवर्तन तंत्र के बारे में किसी भी तरह की गलतफहमी को दूर करें।" .

"कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अपने कर्तव्यों का एक समान और गैर-पक्षपातपूर्ण तरीके से निर्वहन करना चाहिए,"।
त्रिपुरा में निकाय चुनावों को स्थगित करने से इनकार करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निम्नलिखित आदेश दिए:

  1.     शेष चरणों का शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित करने के लिए अर्धसैनिक बलों की उपलब्धता का आकलन करने के उद्देश्य से DGP, IGP(एल एंड ओ) कल सुबह तक राज्य चुनाव आयोग के साथ एक संयुक्त बैठक करेंगे।
  2.     जमीन पर स्थिति का आकलन करने के बाद, सीआरपीएफ को प्रस्तुत की जाने वाली मांग और ऐसे किसी भी अनुरोध पर विधिवत विचार किया जाएगा।
  3. DGP, IGP यह सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाएंगे कि चुनाव प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो, खासकर मतदान की तारीख में।
  4. मतदान 25 नवंबर को है और मतगणना 28 नवंबर को है।