बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा (Bangladesh violence) की पृष्ठभूमि में, त्रिपुरा पुलिस ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट (provocative posts) के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी है, जिसमें 71 लोगों के खिलाफ 11 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि समाज में सांप्रदायिक विद्वेष पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारी ने कहा कि लगभग 150 मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में धार्मिक संस्थानों और स्थानों की स्थायी और मोबाइल गश्ती सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि "हालांकि पिछले कुछ दिनों के दौरान राज्य में कहीं से भी हमले और धमकी की कोई ताजा घटना नहीं हुई है, सुरक्षा बल सीमावर्ती और मिश्रित आबादी वाले राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव (communal harmony) को बिगाड़ने के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए सतर्क हैं।"

उप महानिरीक्षक (दक्षिणी रेंज) R.G.K राव (R.G.K. Rao)ने कहा कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने के आरोप में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है और तीन को नोटिस जारी किया है। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि पश्चिमी त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले के नरौरा मकतब (Masjid) में शरारत करने का प्रयास किया गया और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रारंभिक चरण में इस कदम को विफल कर दिया। अधिकारी ने कहा कि एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।


अल्पसंख्यकों से जुड़ी कुछ घटनाओं के बाद, उत्तरी त्रिपुरा (Tripura) जिला अधिकारियों ने 26 अक्टूबर को एहतियात के तौर पर पानीसागर और धर्मनगर उप-मंडलों में CrPC की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की थी, जो अभी भी जारी है।

पिछले महीने बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा (Bangladesh violence) की श्रृंखला के बाद, अखिल भारतीय इमाम परिषद और विश्व हिंदू परिषद (VHP) सहित 50 से अधिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की निंदा करते हुए त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में रैलियां आयोजित की हैं। इन संगठनों ने अगरतला स्थित बांग्लादेश सहायक उच्चायोग के अधिकारियों से मुलाकात की और पड़ोसी देश की सरकार को संबोधित करते हुए ज्ञापन सौंपा।