गुरुवार को चार विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव में हिंसा या धांधली की किसी भी संभावना को विफल करने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीपीएफ) ने बाहरी लोगों को पहचानने के लिए अगरतला के होटलों, छात्रावासों और कई इलाकों में व्यापक छापेमारी की। 

ये भी पढ़ेंः TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने मतदाताओं से की एकता के लिए वोटों का बंटवारा रोकने की अपील


विपक्षी दलों का आरोप है कि अगरतला में मुख्यमंत्री माणिक साहा की जीत सुनिश्चित करने और अगरतला निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के पूर्व मंत्री सुदीप रॉय बर्मन को हराने के लिए चुनाव में धांधली करने के लिए अगरतला में राज्य के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं को लाया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शहर के दो विधानसभा क्षेत्रों में 25 अस्थायी चेक-पॉइंट स्थापित किए गए हैं और सीपीएफ के साथ पुलिस उपनगरों में गश्त कर रही है। लगभग 1,000 सीपीएफ और 1,200 प्रशिक्षित त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) के जवानों स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए शहर में तैनात किया गया।

ये भी पढ़ेंः Election Commission ने उपचुनाव को शांतिपूर्ण बनाने के लिए पर्याप्त हेल्पलाइन नंबर किए जारी


मुख्य निर्वाचन अधिकारी गिते किरण कुमार ने गुरुवार को कहा कि अगरतला और बारदोवाली निर्वाचन क्षेत्रों के 111 बूथों पर पुलिस के साथ लगभग 700 सीपीएफ जवान ड्यूटी में लगे हुए हैं और शेष 300 सीपीएफ जवान लोगों की आवाजाही पर नजर रखने में लगे हुए हैं। इसके अलावा स्मार्ट सिटी मिशन के तहत स्थापित 420 क्लोज-सर्किट कैमरों का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं की हैं, जहां एक अलग नियंत्रण कक्ष और मतदाता सुविधा केंद्र, एक समर्पित व्हाट्सएप नंबर सहित प्रशासन तक सीधे पहुंच के लिए दिया गया है। सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे के बीच 221 मतदान केंद्रों के चार निर्वाचन क्षेत्रों में लगभग 1.89 लाख पात्र मतदाता पांच निर्दलीय सहित 22 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।