देश में कोरोना वायरस की स्थिति की समीक्षा करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 4 मई से लॉकडाउन 17 मई तक बढ़ा दिया है। इसी के तहत देश के सभी जिलों को रेड, ऑरेंज ओर ग्रीन में बांटकर उनके हिसाब से छूटें दी गई हैं। देश में फिलहाल 130 जिले रेड, 284 ऑरेंज, 319 ग्रीन जोन में हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि ग्रीन जोन में क्या-क्या छूट मिलेगी।

शराब, पान और नाई की दुकान खुलेंगी
त्रिपुरा समेत पूर्वोत्तर के राज्यों और अन्य भागों में शराब की दुकानें, पान की दुकानों को इजाजत रहेगी लेकिन कम से कम 6 फीट की दूरी के नियम का पालन करना होगा। वे सभी गतिविधियां चल सकेंगी, जिन्हें प्रतिबंधित नहीं किया गया है। राज्य सरकारें स्थिति का आकलन करके मंजूरी दे सकेंगी। मोहल्ले पड़ोस की दुकानें, रिहायशी कॉलोनी की दुकानें खुलेंगी। इसमें जरूरी और गैर जरूरी दोनों तरह की दुकानें शामिल हैं। हालांकि मॉल, मार्केट, कॉम्पलेक्स आदि अभी बंद रहेंगे। नाई की दुकान, स्पा और सलून भी खुलेंगे।

बसें और रिक्शा चलेंगे
ग्रीन जोन में साइकल और ऑटो रिक्शा चलेंगे, टैक्सी और कैब भी बुक की जा सकेंगी। लेकिन इसमें ड्राइवर के अलावा सिर्फ एक शख्स हो सकता है। एक जिले से दूसरे जिले या जिले के अंदर बसें चलेंगी। लेकिन इसमें 50 प्रतिशत लोगों को ही बैठने की छूट होगी। अपने वाहनों से सशर्त जाने की इजाजत। कार में ड्राइवर के अलावा सिर्फ दो सवारी को छूट। दोपहिया वाहन पर सिर्फ चलानेवाला हो।

ओपीडी खुलेंगी, खेती से जुड़े काम कर सकेंगे
खेती से जुड़े सभी कामों को छूट होगी। आईटी सर्विस, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस प्राइवेट सिक्यॉरिटी सर्विस। छोटा-मोटा काम करनेवाले जैसे इलेक्ट्रिशन, मोटर मकेनिक आदि को भी बुला सकेंगे। इसके साथ हॉस्पिटलों की ओपीडी सर्विस और मेडिकल क्लीनिक भी खुल जाएंगे।

ऑफिस खुलेंगे
प्राइवेट ऑफिस 33 प्रतिशत स्टाफ को ऑफिस बुलाकर काम करवा सकते हैं। बाकि स्टाफ को घर से काम करवाया जाएगा। कूरियर और पोस्टल सर्विस चालू रहेगी। प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया चालू रहेगी।

कंस्ट्रक्शन कार्यों को छूट
ग्रामीण इलाकों में सभी कंस्ट्रक्शन के कामों को छूट। मनरेगा, खाने से जुड़ी वस्तुएं, ईंट के भट्टे शामिल। शहरी इलाकों में कंस्ट्रक्शन को सिर्फ ऐसी जगहों पर छूट जहां वर्कर बाहर से नहीं लाने। जरूरी सामान बनाने वाली इंडस्ट्री (दवाई, मेडिकल डिवाइस, आईटी हार्डवेयर आदि) को छूट।

ट्रकों का संचालन होगा
सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश सभी तरह के मालवाहक और खाली ट्रकों को आवाजाही की इजाजत दे सकेंगे। कोई भी राज्य कार्गो सामान ले जा रहे वाहन को नहीं रोकेंगे। जिन्हें गृह मंत्रालय ने पहले मंजूरी दी है, उन्हें नई मंजूरी नहीं लेनी होगी। इसके लिए कोई स्पेशल पास नहीं चाहिए होगा।