त्रिपुरा में गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक शंभू लाल चकमा के विधानसभा में मदरसे को लेकर दिए बयान पर त्रिपुरा मदरसा शिक्षक संघ (टीएमटीए) तथा अन्य मुस्लिम संगठनों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 

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टीएमटीए ने भाजपा विधायक के बयान की निंदा करते हुए कहा कि वह अपने आरोपो के लिए सबूत दें। अन्यथा वे माफी मांगने के लिए विधानसभा के पटल पर न्याय और संवैधानिक तरीके का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने कहा, हमारे पास पर्याप्त रिकॉर्ड हैं कि त्रिपुरा मदरसों से अब तक कितने लोग चिकित्सक और इंजीनियर बने है जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति हैं इनमें से किसी का भी अपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। टीएमटीए के अध्यक्ष अब्दुल अलीम ने कहा, विधायक चकमा ने मदरसों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिये है और मुख्यमंत्री से मदरसों को बंद करने का अनुरोध किया इसलिए हम मुख्यमंत्री से इसकी जांच कराने और इसे तुरंत सार्वजनिक करने की मांग करते हैं। 

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उन्होंने कहा कि हम शिक्षक हैं तथा समाज को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं लेकिन उन्होंने बिना किसी आधार के पूरे शिक्षण समुदाय और विशेष कर मदरसे का अपमान किया है। इसके अलावा अन्य मुस्लिम संगठनों ने भी चकमा से सबूत मांगे है और सरकार से विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उल्लेखनीय है कि चकमा ने कल विधानसभा में कहा, मैं मुख्यमंत्री से त्रिपुरा में सभी मदरसों को बंद करने की अपील करता हूं क्योंकि वे चिकित्सक, इंजीनियर, शिक्षक और एक अच्छा इंसान नहीं बना सकते हैं। जब तक मदरसों को बंद नहीं किया जाएगा, हम अपराधियों के बनने को बंद नहीं कर सकते। मुझे यकीन है कि देर-सबेर मदरसों को बंद कर दिया जाएगा।