त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव (Assembly polls) में महज एक साल दूर है, इससे पहले ही राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) त्रिपुरा में पैर जमाना शुरू कर दिया है। इस बात तकलीफ मुख्यमंत्री बिप्लब देब (Biplab Deb) ने कहा ममता पर गुस्सा निकलाते हुए कहा कि यह विस चुनाव के लिए '' अलोकतांत्रिक तरीकों '' का इस्तेमाल कर रही है।


बिप्लब देब (Biplab Deb) ने बताया कि " TMC राज्य में वोट शेयर हासिल करने के लिए "CPI का चरम संस्करण बन गई है और साजिश रच रही है और अलोकतांत्रिक तरीकों का इस्तेमाल कर रही है "।
देब ने कहा कि “राज्य के लोग शासन के वामपंथी मॉडल (leftist model) से तंग आ चुके थे और इस तरह, अपने 25 साल के कुशासन के बाद, उन्होंने हम पर विश्वास करके उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया। उन्होंने हमें त्रिपुरा के सर्वांगीण विकास की जिम्मेदारी दी है और हम ऐसा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं "। देब ने कहा कि एक बार वाम दलों को सत्ता से बाहर कर दिया जाता है, तो वे कभी वापस नहीं आते हैं "।तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) पर निशाना साधते हुए देब ने कहा कि “त्रिपुरा के लोग इस क्रम को जारी रखने जा रहे हैं। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विजन पर पूरा भरोसा है और वे उन ताकतों को खारिज कर देंगे जो विकास और सामाजिक सद्भाव के खिलाफ हैं। राजनीतिक हिंसा हो या प्रशासन का राजनीतिकरण, ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने CPM की शासन शैली को कॉपी-पेस्ट किया है।"
उन्होंने कहा, "वास्तव में, मैं यह कहूंगा कि TMC के पास CPM की तुलना में चार गुना अधिक राजनीतिक नौटंकी है।" TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पिछले छह महीनों में कम से कम चार बार राज्य का दौरा किया है और देब के नेतृत्व वाली सरकार को खत्म करने की कसम खाई है।