पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में कोरोना के बढ़ते मामलों (Corona cases in Tripura) के लिए मुख्य विपक्षी दल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र को जिम्मेदार ठहराया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ((CPI-M)) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi Rally in Tripura) की 4 जनवरी को हुई मेगा रैली के बाद राज्य में कोरोना के मामले तेजी से बढऩे लगे हैं। 

पीएम मोदी ने 4 जनवरी को अगरतला में एक रैली (PM Modi Rally in Tripura) को संबोधित किया, जिसके बाद उन्होंने त्रिपुरा में महाराजा बीर बिक्रम हवाई अड्डे के नए एकीकृत टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। उनकी एक झलक पाने के लिए कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी थी। माकपा के राज्य सचिव और पूर्व सांसद जितेंद्र चौधरी (Former MP Jitendra Choudhary) ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने उस समय सभा को संबोधित किया था, जब स्वास्थ्य मंत्रालय कोविड और ओमिक्रॉन (omicron cases in Tripura) के प्रसार को लेकर चेतावनियां जारी कर रहा था। इसके दुष्परिणामों के बारे में मोदी हालांकि तब नहीं सोच रहे थे। वाम नेता ने कहा कि त्रिपुरा में तेजी से कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे है, लेकिन अभी तक राज्य सरकार के पास अभी तक ओमाइक्रॉन के संदिग्ध नमूनों के जीनोम अनुक्रम जांच के लिए मशीने नहीं हैं। ऐसे में इस तरह की कमी स्थिति को और गंभीर बना देगी। 

माकपा केंद्रीय समिति के सदस्य चौधरी (Jitendra Choudhary) ने कहा कि दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों लोग ट्रेन से त्रिपुरा आ रहे हैं, और वे विभिन्न स्टेशनों पर उतरते हैं जहां परीक्षण की सुविधा नहीं है। वाम मोर्चे ने सरकार से कोविड (Covid19) पीडि़त परिवारों को वह 10 लाख रुपये देने की मांग भी की, जिसकी उसने घोषणा की थी। कोविड केंद्रों को पर्याप्त डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिक्स, दवा, भोजन, ऑक्सीजन जैसी सुविधाओं से लैस करने की मांग भी की गई। साथ ही निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले कोविड रोगियों के इलाज का खर्च उठाने का प्रस्ताव भी सरकार के सामने रखा गया। वहीं मोर्चा ने सभी उप-मंडलों में बड़े पैमाने पर ओमिक्रॉन वैरियेंट के परीक्षण के लिए परीक्षण केंद्र स्थापित करने की मांग की।