त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव के बाद तीन दिनों में हुई हिंसा में अब तक सौ से अधिक लोग घायल हो गए हैं।पुलिस ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार इस चुनावी हिंसा के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्षी टिपरा मोथा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) और कांग्रेस पर विभिन्न जिलों में अपने समर्थकों पर हमला करने का आरोप लगाया। विपक्षी नेताओं ने भी जवाब में भाजपा पर चुनावी हमले के आरोप लगाए।

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हिंसा के बाद पूरे राज्य के लगभग सभी जिला अस्पतालों में औसतन 08 से 10 लोगों को इलाज के लिए भर्ती किया गया है। चुनाव संबंधित हिंसा के बाद तीन दिनों में कम से कम 22 लोगों को अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। चुनाव के दौरान और इसके बाद कुमारघाट, खोवाई, तेलियामुरा और अगरतला, विशालगढ़, सोनमुरा, उदयपुर और बेलोनिया के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे अधिक हिंसा देखी गई।

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी किरण गिट्टे के अनुसार मतदान के दिन हिंसा की केवल पांच बड़ी घटनाएं दर्ज की गईं और पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। चुनाव अधिकारियों ने कहा कि चुनाव के बाद मेघालय और नागालैंड से केंद्रीय बलों को हटा दिया गया और इसके बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थकों ने एक-दूसरे पर हमला किया। मतदान के दिन चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक की कार पर हमले में शामिल अपराधियों की कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।