त्रिपुरा में हुई हिंसा (Tripura violence) के खिलाफ विभिन्न संगठनों ने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति (President) को ज्ञापन भेजकर धार्मिक स्थलों में आगजनी और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

सोमवार को बहुजन क्रांति मोर्चा, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा, वाल्मीकि महासंघ एवं बहुजन क्रांति मोर्चा आदि संगठनों त्रिपुरा में कुछ हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा धर्म स्थल और मकान, दुकानों में तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट करने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। 

बहुजन क्रांति मोर्चा के प्रदेश संयोजक भंवर सिंह ने कहा कि नफरतवादी संगठनों के पदाधिकारियों ने बड़े पैमाने पर स्थानीय लोगों को भड़काकर प्रायोजित तरीके से हमले कराकर संविधान की धज्जिया उड़ाई हैं। 

राष्ट्रीय मूलनिवासी अत्यंत पिछड़ी अनुसूचित जाति जागृति मोर्चा के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र श्रमिक, प्रदेश संयोजक सुनील राजौर ने संयुक्त रूप से कहा कि असामाजिक तत्वों ने सैकड़ों लोगों के साथ जुलूस निकालकर दर्जनों से ज्यादा धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया। जिससे वहां लोगों में भय और तनाव की स्थिति बनी हुई है।

राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के जिलाध्यक्ष मो. नसीर अहमद, एडवोकेट मो. इकराम अहमद, वाल्मीकि महासंघ के जिलाध्यक्ष भानपाल सिंह रवि ने कहा कि सामाजिक सौहार्द और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले संगठनों के लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन करने वालों में अरविंद कुमार, एडवोकेट रूपचंद आजाद, भान पाल सिंह रवि, राजपाल, नानक चंद, रफल पाल, सरोज पाल, मो. जाबिर अली, राजेश बडकर, सन्नी बेदी, प्रीति बडकर आदि शामिल रहे।