अगरतला में राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुदीप रॉय बर्मन के सुरक्षा स्टाफ और ड्राइवर पर हुए हमले के सिलसिले में पुलिस ने एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही अब तक घटना में शामिल चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। त्रिपुरा पुलिस कई एफआईआर के आधार पर मामले की जांच कर रही है। हिरासत से बचने के लिए कई आरोपी फरार हैं।

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गृह विभाग संभालने वाले मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने पहले राज्य पुलिस के शीर्ष अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी घटना की निंदा की है। बता दें कि बर्मन ने भाजपा के एक अन्य विधायक आशीष कुमार साहा के साथ भाजपा पार्टी और राज्य विधानसभा से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस में शामिल हो गए। वे एक वरिष्ठ वकील के आवास पर गए तब बदमाशों के एक समूह ने उनके सुरक्षा कर्मचारी रमेश बिन और ड्राइवर अभिजीत दत्ता पर हमला कर दिया। दोनों को चोटें आईं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।घटना के बाद से बिन की सर्विस रिवॉल्वर गायब बताई जा रही है।

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हालांकि हमलावर उच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील सोमिक देब के आवास में नहीं घुसे और बर्मन बाल-बाल बच गए। उन्होंने हमले के लिए सत्तारूढ़ भाजपा को दोषी ठहराया। हालांकि इस बात को राज्य भाजपा ने सिरे से खारिज कर दिया। यह घटना 6-अगरतला विधानसभा क्षेत्र के कृष्णा नगर इलाके में हुई, प्राथमिकी में नामजद ज्यादातर आरोपी रामनगर विधानसभा क्षेत्र के हैं। घायल चालक ने पुलिस में अपनी शिकायत में अगरतला नगर निगम के एक निर्वाचित पार्षद का नाम कथित रूप से घटना स्थल पर एक उग्र भीड़ का नेतृत्व करने के लिए दिया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि अधिवक्ता के आवास की बाहरी सीमा में लगे सीसीटीवी फुटेज की मदद से सभी हमलावरों की पहचान कर ली गई है और सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।