प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भारत और बांग्लादेश के बीच फेनी नदी पर बने मैत्री सेतु का मंगलवार को उदघाटन किया। इसके अलावा पीएम ने त्रिपुरा में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 2017 में त्रिपुरा ने विकास का डबल इंजन लगाने का फैसला किया और आज इस डबल इंजन के फैसले के कारण जो परिणाम निकले, वो आज आपके सामने है। बांग्लादेश दौरे के दौरान पीएम मोदी ने बांग्लादेश में अपनी समकक्ष शेख हसीना के साथ  त्रिपुरा को बांग्लादेश से सीधे जोड़ने वाले ब्रिज का शिलान्यास किया था।

पीएम मोदी ने कहा कि आज से तीन साल पहले आप लोगों ने एक नया इतिहास रचा था और पूरे देश को मजबूत संदेश दिया था। दशकों से राज्य के विकास को रोकने वाली नकारात्मक शक्तियों को हटाकर त्रिपुरा के लोगों ने एक नई शुरुआत की थी। आज त्रिपुरा पुरानी सरकार के 30 साल और डबल इंजन की 3 साल की सरकार में आए बदलाव को स्पष्ट अनुभव कर रहा है।

पीएम ने कहा कि जिस त्रिपुरा को हड़ताल कल्चर ने बरसों पीछे रखा आज वो इज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए काम कर रहा है। जहां कभी उद्योगों में ताले लगने की नौबत आ गई थी, वहां अब नए उद्योगों, नए निवेश के लिए जगह बन रही है। बीते 6 साल में त्रिपुरा को केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि में बड़ी वृद्धि की गई है। वर्ष 2009 से 2014 के बीच केंद्र सरकार से त्रिपुरा को केंद्रीय विकास परियोजनाओं के लिए 3500 करोड़ रुपए की मदद मिली थी। जबकि साल 2014 से 19 के बीच 12 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मदद दी गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां डबल इंजन की सरकार नहीं है, वहां गरीबों, किसानों, बेटियों को सशक्त करने वाली योजनाएं या तो लागू ही नहीं की गई या बहुत धीमी गति से चल रही है। डबल इंजन सरकार का सबसे बड़ा असर गरीबों को पक्के घर देने में दिख रहा है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले त्रिपुरा के 5.80 लाख घरों में गैस कनेक्शन था। आज राज्य के 8.50 लाख घरों में गैस कनेक्शन है। डबल इंजन की सरकार बनने से पहले त्रिपुरा में सिर्फ 50 फीसद गांव खुले में शौच से मुक्त थे। आज त्रिपुरा का करीब-करीब हर गांव खुले में शौच से मुक्त है।

मैत्री सेतु भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों और मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक है। त्रिपुरा राज्य और बांग्लादेश में भारतीय सीमा के बीच बहने वाली फेनी नदी पर पुल 'मैत्री सेतु' बनाया गया है। बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड द्वारा 133 करोड़ रुपये की परियोजना लागत पर इसे पूरा किया गया। 1.9 किलोमीटर लंबा यह पुल भारत में सबरूम को बांग्लादेश के रामगढ़ से जोड़ता है।