त्रिपुरा में बर्ड फ्लू की अब तक कोई खबर नहीं है, देश के कई हिस्सों में एवियन इंफ्लूएंजा की खबरों के बीच पशु संसाधन विकास विभाग ने शनिवार को यह जानकारी दी। यह पुष्टि उदयपुर और बिशालगढ़ में मुर्गियों के मृत पाए जाने के बाद हुई है। राज्य के समाज कल्याण एवं सामाजिक शिक्षा एवं पशु संसाधन विकास मंत्री संताना चाम्मा के मुताबिक मुर्गियों की मौत बैक्टीरिया और बतख पट्टिका के कारण हुई।

उदयपुर और बिश्लगढ़ में मुर्गी और मुर्गियों की मौत की खबर के बाद आम लोगों में दहशत है। लेकिन लैब टेस्ट से यह पाया गया है कि ये मौतें बैक्टीरिया और बतख पट्टिका के कारण हुईं। उन्होंने कहा कि विभाग त्रिपुरा-असम सीमा पर प्रवेश बिंदु चूरीबाड़ी के माध्यम से पोल्ट्री पक्षियों की आवाजाही पर नजर रखे हुए है। राज्य में मुर्गियां, चिकन, बतख और अंडे की आवाजाही की अनुमति है लेकिन उचित जांच के बाद ही है।

चामा ने आगे बताया कि एआरडी द्वारा एक आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित की गई है और अधिकारी इस बीमारी के परीक्षण के लिए राज्य भर में नमूने एकत्र कर रहे हैं। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अंडे और पोल्ट्री मीट का सेवन ठीक से उबालने के बाद सुरक्षित है।