स्थानीय महारानी तुलसीबाती एच.एस. कार्यक्रम चलाने वाले NGO ने ईद के त्योहार से एक दिन पहले स्कूल को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। यह कल हुआ। शांतिपारा इलाके की रहने वाली दो अल्पसंख्यक महिलाओं माफुज बेगम और हनुफा बेगम को कल बिना कोई कारण बताए उनका दिन का काम खत्म होने के बाद बर्खास्तगी का नोटिस दिया गया।


दोनों महिलाएं फूट-फूट कर रोने लगीं लेकिन उन्हें अपने पिछले महीने के वेतन के साथ स्कूल परिसर छोड़ना पड़ा। स्कूल के सूत्रों ने कहा कि पहले स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) एक सक्षम स्थानीय युवाओं को मध्याह्न भोजन प्रबंधन का काम सौंपती थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार ने बाहर के संदिग्ध गैर सरकारी संगठनों को काम देकर व्यवस्था बदल दी।


कई स्कूलों में मध्याह्न भोजन कार्यक्रम चलाने वाले इन गैर सरकारी संगठनों की शायद ही कोई जवाबदेही होती है और वे इस कार्यक्रम को मनमाने ढंग से चलाते हैं। माफुजा और हनूफा बेगम के मामले में यही हुआ।