राष्ट्रीय

अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट ने सभी को चौंका कर रख दिया है।

इन्होंने हाल ही में अपराध पर पूर्वोत्तर राज्यों के लिए रिपोर्ट पेश की है

जिसमें बताया गया है कि जब राजनीतिक संघर्षों की बात आती है, तो त्रिपुरा

पूर्वोत्तर राज्यों में चार्ट में सबसे ऊपर है।

राष्ट्रीय

अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के अनुसार- भारत में अपराध 2020,

त्रिपुरा ने पिछले साल प्रति एक लाख लोगों पर 0.5% अपराध दर्ज किए हैं।

त्रिपुरा के बाद अरुणाचल प्रदेश में 0.1% राजनीतिक संघर्ष और उसके बाद

मणिपुर है।

NCRB

की रिपोर्ट के अनुसार, तीन राज्यों त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर को

छोड़कर, क्षेत्र के किसी अन्य राज्य ने राजनीतिक संघर्ष का एक भी मामला

दर्ज नहीं किया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि त्रिपुरा ने पिछले साल

राजनीतिक संघर्ष के 22 मामले दर्ज किए गए हैं।

दूसरी

ओर, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर ने एक-एक मामला दर्ज किया। इस बीच, 2020 में

असम ने सांप्रदायिक और धार्मिक हिंसा से संबंधित कुल 17 मामले दर्ज किए।

हत्या के मामलों में असम भी पूर्वोत्तर क्षेत्र में सबसे ऊपर है।



असम

में पिछले साल कुल 1131 हत्या के मामले दर्ज किए गए। असम के बाद त्रिपुरा

में हत्या के 114, मेघालय में 79, मणिपुर में 46, अरुणाचल प्रदेश में 45,

मिजोरम में 28, नागालैंड में 25 और सिक्किम में 11 मामले हैं।