भारतीय सैनिक एक तरफ पाकिस्तान को करारा सबक सिखा रहे हैं दूसरी तरफ कोरोना वायरस से जंग भी कर रहे हैं। त्रिपुरा में सीमा सुरक्षा बल के कई जवान कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इससे पूरी सरकार और रक्षा मंत्रालय की चिंता बढ़ गयी है। त्रिपुरा सरकार की तरफ से इनका इलाज करवाने के लिए विशेष अस्पताल बनवाया जा रहा है।


त्रिपुरा में शुक्रवार को एक दिन में सबसे ज्यादा कोरोना से संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई। अंबस्सा में तैनात बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) की 86वीं बटालियन के 25 जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए। अंबस्सा में तैनात 138वीं बटालिन के एक जवान के परिवार के 4 सदस्य कोरोना पॉजिटिव निकले। इसके अलावा एक ट्रक चालक जो राज्य के बाहर से आया था, उसे क्वारनटीन में रखा गया था। उस चालक की भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके साथ ही शुक्रवार को कोरोना के 30 मामलों की पुष्टि हुई।


त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने कहा कि हमने अगरतला के भगत सिंह यूथ हॉस्टल को 300 बेड वाला कोरोना ट्रीटमेंट सेंटर में बदलने का फैसला किया है और यह जीबी अस्पताल की देखरेख में रहेगा। अगरतला में कोरोना के इलाज के लिए 410 बेड हैं, जिसमें जीबी अस्पताल के 80 बेड, आईजीएम के 30 बेड और भगत सिंह हॉस्टल के 300 बेड शामिल हैं।


उल्लेखनीय है कि पिछले एक हफ्ते में बीएसएफ की दो बटालियन से 113 कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें से 102 जवान हैं। अब त्रिपुरा में कोरोना वायरस के कुल मामले 116 हो गए हैं। इनमें से 2 संक्रमित मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं। वहीं, राज्य में अभी भी 114 एक्टिव मरीज हैं।