पश्चिम बंगाल के बाद अब त्रिपुरा में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी घमासान शुरू हो गया है। हाल ही में हुई राजनीतिक हिंसा की घटनाओं को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच त्रिपुरा पुलिस ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी समेत तृणमूल नेताओं डोला सेन, ब्रत्य बसु, कुणाल घोष, सुबल भौमिक और श्रीप्रकाश दास के खिलाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इन पर अतिरिक्त एसपी और एसडीपीओ खोवाई के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार करने और उनकी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने का आरोप है।

प्राथमिकी में कहा गया है कि रविवार सुबह 14 तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद मंत्री ब्रत्य बसु और सांसद डोला सेन के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं का एक समूह खोवाई थाने पहुंचा। इसके तुरंत बाद ही अभिषेक बनर्जी भी थाने पहुंच गए। टीएमसी नेताओं ने एडिशनल एसपी और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया। अब त्रिपुरा पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

मामला

पिछले दिनों टीएमसी के तीन युवा नेताओं, देबांग्शु भट्टाचार्य, सुदीप राहा और जया दत्ता पार्टी के काम से त्रिपुरा गए थे। इस दौरान रास्ते में रोककर इन लोगों पर हमला किया गया। युवा नेताओं ने आरोप लगाया कि उनकी कारों को अंबासा रोड पर रोका गया और हमला किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगरतला के बाद धर्मनगर में गोलियां चलाई गईं और एक टीएमसी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई। इसके बाद त्रिपुरा पहुंचे अभिषेक बनर्जी को भी काले झंडे दिखाए गए। आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ता ने उनकी कार पर डंडे से हमला किया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इसके बाद खोवई थाने पर प्रदर्शन कर रहे तृणमूल के 14 नेताओं और कार्यकर्ताओं को कोरोना नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इनमें बीते दिन भाजपा कार्यकर्ताओं के कथित हमलों में घायल कार्यकर्ता भी शामिल हैं। इन सभी को खोवाई में सीजेएम अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत भी दे दी गई।