पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee) ने रविवार को आरोप लगाया कि त्रिपुरा (Tripura) में यदि राजनीतिक विरोधी रैलियां निकालने का साहस करते हैं, तो बीजेपी उन्हें पीटती है और महिला सांसद को भी नहीं बख्शा जाता है। वह त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के पास शुक्रवार को एक जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं (BJP Worker) द्वारा तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सदस्य सुष्मिता देव पर कथित रूप से हमला करने का जिक्र कर रही थीं।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस पूर्वोत्तर राज्य में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly election) में बीजेपी (BJP) को सत्ता से हटाने की कोशिश में जुटी है। पश्चिम बंगाल (West bengal) में बीजेपी कार्यकताओं पर हमले संबंधी पार्टी के दावे पर तृणमूल सुप्रीमो (Trinamool supremo) ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल में शांति है और यह मरघट की शांति नहीं है।’

ममता बनर्जी (Mamta banerjee) ने एक रैली में कहा, ‘इसके विपरीत उनके राज्य (त्रिपुरा) में हो रही चीजें देखिए। जो भी बीजेपी के विरोध में रैलियां निकालने का साहस करता है, उसे लाठी-डंडों से पीटा जाता है। वे(बीजेपी वाले) घायल तृणमूल कार्यकर्ताओं का इलाज भी नहीं होने देते हैं। एक युवा पार्टी कार्यकर्ता के साथ मारपीट की गई और उसे (कोलकाता के) एसएसकेएम अस्पताल लाना पड़ा।’

सीएम ममता बनर्जी (CM Mamta Banerjee) ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime minister Narendra modi) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अभी भी 35 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन नहीं लगी है। इसके अलावा उन्होंने सवाल किया कि कोरोना सर्टिफिकेट पर मोदी की तस्वीर है फिर मृत्यु प्रमाणपत्र पर क्यों नहीं। इस दौरान उन्होंने ये भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल ने 14 करोड़ वैक्सीन डोज़ की मांग की थी, लेकिन राज्य को 7 करोड़ डोज़ ही मिली।

ममता बनर्जी (Mamta banerjee) ने रैली के दौरान सवाल किया कि जब कोई छात्र कोवैक्सीन लगवाने के बाद विदेश यात्रा नहीं कर सकता तो मोदी ने कोवैक्सीन लगवाने के बाद कैसे यात्रा की। उन्होंने कहा कि WHO से कोवैक्सीन को मंज़ूरी क्यों नहीं मिली।