बंगाल की एक बार फिर से ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बन गई है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने ममता बनर्जी के सीएम बनने पर कहा है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी को नंदीग्राम में हारने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहिए। ममता बनर्जी ने हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल चुनावों में नंदीग्राम में भाजपा के हैवीवेट उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी से चुनाव में हार का सामना किया है।


2 मई को परिणाम घोषित किए गए है। अगरतला में मीडिया को जानकारी देते हुए सीएम बिप्लब देब ने कहा कि यह नैतिकता का मामला है क्योंकि लोगों ने उनका चुनाव नहीं किया। उन्होंने कहा कि अगर वह त्रिपुरा में अगले विधानसभा चुनाव में हार जाते हैं तो वे मुख्यमंत्री पद से दूर रहेंगे। बिप्लब देब के साथ त्रिपुरा के डिप्टी सीएम जिष्णु देबबर्मन, सांसद प्रतिमा भौमिक और रेबती त्रिपुरा और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष माणिक साहा भी थे।

चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद पश्चिम बंगाल में हिंसा के लिए बिप्लब देब ने ममता बनर्जी की आलोचना की है। बिप्लब देब ने कहा, "हमारी पार्टी बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा के खिलाफ कल से पूरे देश में अपनी आवाज बुलंद करेगी "। ममता बनर्जी को तीसरे सीधे कार्यकाल के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी। राजभवन में मुख्यमंत्री के रूप में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी का शपथ ग्रहण का कार्यक्रम होगा।