कोरोना वायरस के बढ़ते कहर को देखते हुए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन की अवधि को 3 मई के बाद 2 हफ्तों के लिए बढ़ाते हुए 17 मई तक कर दिया है। लेकिन लॉकडाउन की शर्तों में बदलाव भी किया गया है। वहीं, कोरोना वायरस के संक्रमण के आधार पर देश के सभी जिलों को रेड, ऑरेंज, ग्रीन और कंटेनमेंट जोन में बांट दिया है। इनमें से ग्रीन और ऑरेंज जोन में शर्तों के साथ लॉकडाउन में कुछ ढील दी जाएगी। इसी के तहत त्रिपुरा समेत पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों को इन तीनों ही जोनों में विभाजित किया गया है।
स्कूल-कॉलेजों बंद रहेंगे
गृह मंत्रालय ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान पूरे देश में हवाई यात्रा, रेल मेट्रो और सड़क मार्ग से अंतर्राज्यीय परिवहन के अलावा स्कूल, कॉलेज और शैक्षिक संस्थानों का संचालन बंद रहेगा। इसके अलावा कोचिंग संस्थान, रेस्टोरेंट, होटल, पूजा स्थल और लोगों के एक जगह एकत्र होने पर रोक जारी रहेगी।
रेड जोन घोषित किए गए जिलों में साइकिल रिक्शा, ऑटोरिक्शा, टैक्सी और कैब के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा। रेड जोन में नाई की दुकान, स्पा, और ब्यूटी पॉर्लर भी अभी बंद रहेंगे। इसी प्रकार कंटेनमेंट जोन में सभी प्रकार की गतिविधियां पूर्णत प्रतिबंधित होंगी।
ये छूट मिलेंगी
रेड जोन वाले इलाकों में चौपहिया वाहन में ड्राइवर के अलावा अधिकतम दो लोग और दोपहिया वाहन पर बस उसे चलाने वाला हो सकता है।

विशेष आर्थिक क्षेत्रों, निर्यातोन्मुखी इकाइयों, औद्योगिक एस्टेट और औद्योगिक टाउनशिप समेत शहरी क्षेत्रों में औद्योगिक प्रतिष्ठानों में पहुंच नियंत्रण के साथ गतिविधियों को अनुमित दी गयी है।

शहरी क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियां को अनुमति दी गयी है बशर्ते श्रमिक वहीं रहते हो और बाहर से नहीं आते हों। नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गयी है। शहरों में सभी गैर जरूरी वस्तुओं के लिए मॉलों, बाजारों और बाजार परसरों को खुलने की इजाजत नहीं होगी। लेकिन कॉलानियों में एकल दुकानें खुल सकती हैं और वहां जरूरी एवं गैर जरूरी वस्तुओं का भेद नहीं होगा।

रेड जोन में केवल जरूरी वस्तुओं के लिए ई कॉमर्स गतिविधियों की इजाजत है।

निजी कार्यालय एक तिहाई श्रमिक के साथ खुल सकते हैं । बाकी दो तिहाई घर से काम कर सकते हैं। सभी सरकारी कार्यालयों में उपसचिव स्तर के ऊपर के शत प्रतिशत अधिकारियों का काम करेंगे और बाकी कर्मियों में बस एक तिहाई कार्यालय आयेंगे।

रेड जोन में ज्यादातर वाणिज्यिक एवं निजी प्रतिष्ठानों को अनुमति दी गयी है जिनमें प्रिंट एवं इलक्ट्रोनिक मीडिया, आईटी और उससे सबंधित इकाइयां, डाटा एवं कॉल सेंटर, प्रशीतन भंडार एवं गोदाम सेवाएं, निजी सुरक्षा आदि शामिल है।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई जिलों की सूची में तीन मई के बाद 130 जिलों को रेड, 284 को ऑरेंज और 319 जिलों को ग्रीन जोन में शामिल किया गया है।वहीं, देश के बड़े शहरों में शामिल दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बंगलूरू, अहमदाबाद को अब भी रेड जोन में ही रखा है। बता दें कि यहां कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालंकि पूर्वोत्तर के कई राज्य कोरोना मुक्त घोषित हो चुके हैं और त्रिपुरा में हालात तेजी से सुधर रहे हैं।