त्रिपुरा के कानून और संसदीय कार्य मंत्री रतन लाल नाथ ने सोमवार को पड़ोसी देश पाकिस्तान पर तीखा हमला किया और पाक को बांग्लादेश से माफी मांगने को कहा। आपको बता दें कि भारत के सैन्य समर्थन से बांग्लादेश को पाकिस्तानी शासन से आजादी मिली थी।

भाषा आंदोलन के इतिहास की याद दिलाते हुए नाथ ने कहा, "बांग्लादेश के लिए अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जाता है।"

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उन्होंने आगे कहा, "बांग्लादेश में शुरू हुए भाषा आंदोलन ने बड़े पैमाने पर रक्तपात देखा और बंगाली भाषा आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए यूनेस्को ने 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रूप में मान्यता दी।"

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के केंद्रीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, नाथ ने कहा, “पाकिस्तान ने बंगाली भाषा को दबाने के लिए सब कुछ किया। तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में रहने वाले बंगाली भाषी लोगों पर किए गए अत्याचारों का वर्णन हमारे इतिहास में किया गया है। लेकिन, दुख की बात है कि पाकिस्तान ने कभी भी बांग्लादेश से माफी नहीं मांगी, जो उनके खूनी कृत्यों का सबसे ज्यादा शिकार हुए है। पाकिस्तान को इस बात का पछतावा भी नहीं है कि उन्होंने अपने द्वारा शासित देश के साथ क्या किया।

नाथ ने कहा, “त्रिपुरा एकमात्र राज्य है जो बांग्लादेश सहायक उच्चायोग के सहयोग से दिवस मना रहा है। त्रिपुरा देश के सामने एक मिसाल कायम करना चाहता है और इस तरह हम भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान त्रिपुरा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बांग्लादेश ने इसे मान्यता दी।

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नाथ ने भाषा आंदोलन के शहीदों को भी याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। नाथ ने बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना और बंगबंधु शेख मजीबुर रहमान के प्रति आभार व्यक्त किया।

नाथ के अलावा बांग्लादेश के सहायक उच्चायुक्त आरिफ मोहम्मद और त्रिपुरा के सूचना और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुशांत चौधरी ने भी दिन के महत्व पर अपने भाषण दिए।