त्रिपुरा सरकार में बीजेपी और आईपीएफटी गठबंधन के बीच सबकुछ ठीक करने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा त्रिपुरा जाएंगे। बीजेपी की सहयोगी पार्टी आईपीएफटी के नेताओं ने दिल्ली आकर नड्डा से मुलाकात की और उन्हें अपनी चिंताओं के बारे में बताया। सूत्रों के मुताबिक आईपीएफटी ने पहले अपनी चिंताओं से सीएम बिप्लव देव को अवगत कराया लेकिन कोई हल नहीं निकला। कुछ दिन पहले जब बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी एल संतोष त्रिपुरा गए थे तो आईपीएफटी नेताओं ने उनके सामने भी अपनी बात रखी थी। अब जेपी नड्डा से मिलने के बाद उन्हें उम्मीद है कि राज्य की ट्राइबल आबादी को खुश करने के लिए जरूर कुछ कदम उठाए जाएंगे।

वहीं त्रिपुरा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक रतन लाल नाथ ने शुक्रवार को विधानसभा हॉल में पार्टी के नेताओं की बैठक बुलाई। अभी यह खुलासा नहीं किया गया है कि बैठक में किस मुद्दे पर चर्चा हुई। बैठक के लिये आमंत्रित किये गये एक विधायक ने बताया कि सरकार के मुख्य सचेतक कल्याणी रॉय ने मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब और उप मुख्यमंत्री जिष्णु देव वर्मा को छोड़कर सभी 34 विधायकों को बैठक के लिये बुलाया। 

त्रिपुरा में मुख्यमंत्री के खिलाफ असंतुष्ट विधायकों के मोर्चा खोलने के बाद भाजपा में राजनीतिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके समाधान के लिये दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा और अन्य के साथ असंतुष्ट विधायकों के नेता सुदीप रॉयबर्मन की कई बैंठकें भी हुई हैं। विधायक ने कहा, हम इस बैठक के बुलाने के पीछे का वास्तविक कारण नहीं जानते लेकिन यह देव के पक्ष में समर्थन जुटाने का एक प्रयास हो सकता है क्योंकि नाथ उनके करीबी सहयोगी के रूप में जाने जाते हैं।