त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव को हटाये जाने की मांग को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों के हंगामे के बाद भाजपा युवा मोर्चा (भायुमो) अध्यक्षों की नियुक्ति के परिप्रेक्ष्य में पार्टी की प्रदेश इकाई में अंतर्कलह और बढ़ गया है। 

पार्टी विधायक सुशांत चौधरी ने आरोप लगाया है कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा) कार्यकर्ताओं को ही विभिन्न विधानसभा क्षेत्रवार भायुमो अध्यक्षों के पदों पर नियुक्ति दी गयी है। चौधरी ने अगरतला से 30 किलोमीटर दूर जिरानिया में युवा रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भायुमो अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए पार्टी ने उनसे सलाह भी नहीं ली गयी। 

उन्होंने आरोप लगाया कि 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान स्वयं उनके सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला करने वाले माकपा कार्यकर्ता को भायुमो अध्यक्ष बना दिया गया। अधिकतर क्षेत्रों में इन नियुक्तियों में समर्पित भाजपा कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गयी और दागी एवं भ्रष्ट माकपा कार्यकर्ताओं को ये जिम्मेदारी सौंपी गयी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश भायुमो अध्यक्ष नवादल वाणिक सिपाहीजला जिले में विशालगढ़ के कट्टर माकपा कार्यकर्ता रहे तथा पिछले चुनाव तक वह भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कई अपराधों में शामिल रहे और अब भी उनके माकपा के साथ संबंध बने हुए हैं। इस तरह से दागी और भ्रष्ट माकपा कार्यकर्ताओं को भायुमो का प्रभार सौंप दिया गया है।