अगरतला। त्रिपुरा के चार विधानसभा सीटों पर 23 जून को होने वाले उप चुनाव में हिंसा की आशंका को ध्यान में रखते चुनाव आयोग ने कुछ प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें खासकर दो निर्वाचन क्षेत्रों में शांति भंग की आशंका अधिक है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पश्चिम त्रिपुरा, धलाई और उत्तर त्रिपुरा के चुनावी क्षेत्रों के जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस महानिदेशक और रिटर्निंग अधिकारियों को लिखे पत्र में शांतिपूर्ण तरीके से निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और सत्तारूढ़ भाजपा के माफिया तत्वों पर नकेल कसने को कहा है। 

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इससे पहले, त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस की शिकायत पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सोमवार पुलिस को राज्य के सूचना मंत्री सुशांत चौधरी, अगरतला निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार अशोक सिन्हा, भाजपा विधायक सुधांशु दास सहित 18 अन्य के खिलाफ जांच शुरू करने का निर्देश दिया। इन पर कथित रूप से रविवार रात को अगरतला से कांग्रेस उम्मीदवार और भाजपा के पूर्व मंत्री सुदीप रॉयबर्मन पर जानलेवा हमला करने के आरोप हैं। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बिरजीत सिन्हा ने कहा कि घटना के दो दिन भी इस संबंध में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। घटना में जिन लोगों के कथित शामिल रहने की बात कही गई है उन्हें मंगलवार को बरदोवाली और अगरतला निर्वाचन क्षेत्रों से भाजपा उम्मीदवारों के लिए प्रचार अभियान में शामिल होते देखा गया। कांग्रेस ने चुनाव आयोग के अधिकारियों की नजर में यह बात लाई। अगरतला और बरदोवाली निर्वाचन क्षेत्रों में सीआरपीसी की धारा-144 लागू करते हुए, पश्चिम त्रिपुरा के जिला मजिस्ट्रेट देबप्रिया बर्धन ने निर्देश दिया है कि पांच या उससे अधिक संख्या में लोग लाठी, लोहे की छड़, बांस, पत्थर जैसे हथियारों के साथ या बिना इनके एक जगह पर एकत्रित नहीं हो सकते हैं। 

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एक सार्वजनिक नोटिस में उन्होंने पुलिस को मतदान वाले क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अराजक तत्वों द्वारा मतदाताओं को अनुचित रूप से प्रेरित न किया जा सके। उन्होंने संवेदनशील चुनावी क्षेत्रों में एक साथ दो या दो से अधिक मोटरबाइक या कारों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी है। चुनाव अधिकारी ने मंगलवार को कहा, इस बीच चुनाव आयोग ने उन पांच चुनाव अधिकारियों को पहले ही निलंबित कर दिया है, जो तीन दिन पहले जुबराजनगर विधानसभा क्षेत्र में एक भाजपा कार्यालय में कथित तौर पर ईवीएम के कामकाज करने के तरीके के बारे में दिखाते हुए पाए गए थे। 

आयोग ने राजनीतिक दलों को सभी स्तरों पर चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करने की चेतावनी दी है और कहा है कि चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, त्रिपुरा में चुनाव के मद्देनजर केंद्रीय रिजर्व पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अधिकतम 25 कंपनियों की तैनाती कराई गई है। इस दौरान, सभी चार निर्वाचन क्षेत्रों के सभी होटलों, लॉज और यहां तक कि विवाह समारोह स्थलों की भी जांच की जाएगी ताकि बाहर से आए लोगों को जांचा-परखा जा सके क्योंकि मतदान वाले क्षेत्रों में बाहरी लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।