त्रिपुरा राज्य के उप मुख्यमंत्री के नाम से IAS और IPS ऑफिसर से लाखों रुपए ठगने वाली गैंग का खुलासा हुआ है। इसको लेकर चित्तौड़ के 5 आरोपियों को हिरासत में लिया गया हैं। आरोपियों ने अब तक करोड़ों रुपए का ऑनलाइन फ्रॉड किया हैं। इस मामले की जानकारी पर साइबर क्राइम यूनिट त्रिपुरा के अगरतला के डिप्टी निर्देश देब चित्तौड़गढ़ आए। देब ने बताया कि त्रिपुरा के डिप्टी CM जिष्णु देव वर्मन के नाम से एक सीनियर IAS ऑफिसर को व्हाट्सएप मैसेज किया कि नया नंबर लिया है। एक बैंक का अकाउंट नंबर भी भेजा गया और कहा कि इस नंबर पर रुपए ट्रांसफर कर दिया जाए। वह अभी मीटिंग में बिजी है। मीटिंग से बाहर आकर यह रुपए दे देंगे। IAS ऑफिसर ने रुपए ट्रांसफर कर दिए। कई दिन बीतने के बाद भी डिप्टी CM ने बात नहीं की। इस पर आईएएस ऑफिसर ने उनसे पूछा। तब खुलासा हुआ कि, उन्होंने नंबर नहीं बदला है।

यह भी पढ़ें : अरूणाचल प्रदेश ने सबको चौंकाया, पेट्रोल और डीजल पर सिर्फ इतना सा टैक्स लेती है सरकार

हालांकि, यह मामला सामने आने के बाद जांच की गई। सामने आया कि, चित्तौड़गढ़ के रहने वाले राजू जाट पुत्र जगदीश लाल जाट के अकाउंट में रुपए डाले गए। राजू जाट से पूछताछ में पता चला कि अकाउंट में जो मोबाइल नंबर जोड़ा गया है। वह किसी नगर पालिका कॉलोनी माहीवर्धन सिंह राणावत के नाम से है। भैरूसिंह पुत्र नारायण सिंह राजपूत ने माही के कहने पर राजू को ऑनलाइन अकाउंट खोलने का ऑफर दिया था। इस पर राजू मान गया और उसने अकाउंट खोला। उसमें माही वर्धन का नंबर दिया ताकि एकाउंट माही ही चला सकें। आरोपियों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया था। जिसमें बड़े-बड़े IAS और IPS ऑफिसर लोगों को जोड़ा गया और फोटो में सीएम और डिप्टी सीएम का फोटो लगाया। इस तरह से कुछ ऑफिसर झांसे में भी आ गए।

बताया गया है कि अकाउंट खोलने के बाद माही वर्धन ने भैरू को 5 हजार रुपए दिए। भैरू ने 2 हजार रुपए कमीशन के तौर पर अपने पास रखें और राजू को 3 हजार रुपए दे दिए। बाद में पता चला कि भैरू ने और दो नए अकाउंट Jupiter और FI प्लेटफॉर्म पर माही के कहने से खोला है। इसके लिए माही से उसने 10 हजार रुपए ले लिए थे। भैरू ने इन दो अकाउंट को माही को हैंड ओवर कर दिया। माही ने अकाउंट आदर्श कॉलोनी निवासी नवनीत सिंह पुत्र धर्मेंद्र सिंह को बेच दिया। नवनीत ने इसे खरीद कर उड़ीसा के किसी परितोष सुंदर को बेच 20 हजार रुपए में बेच दिया। इस बीच जो सिम यूज किया जा रहा था वह सैगवा हाउसिंग बोर्ड निवासी नितेश मेनारिया पुत्र सोहन लाल मेनारिया का निकला।

यह भी पढ़ें : सिक्किम में प्रतिकूल परिस्थितियों से बचने के लिए काम शुरू, नामची DC ने बुलाई मानसून की तैयारी की बैठक

चित्तौड़गढ़ सदर थाना पुलिस ने पांचों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। त्रिपुरा के अगरतला के क्राइम ब्रांच यूनिट के डीवाईएसपी निर्देश देब चित्तौड़गढ़ पहुंचे। उन्होंने भी इन्वेस्टिगेशन किया। उनका कहना है कि अभी सिर्फ राजू जाट का अकाउंट टैली किया गया है, जिसके अनुसार उसने 8 लाख रुपए का फ्रॉड किया है। बाकी सभी के अकाउंट टैली करने पर करोड़ों रुपए का फ्रॉड सामने आ सकता है।