त्रिपुरा के शिक्षा मंत्री रतन लाल नाथ ( Tripura Education Minister Ratan Lal Nath) ने कहा कि हिजाब (Hijab row) से संबंधित विवाद का राज्य में कोई प्रभाव नहीं है, लेकिन उन्होंने कहा कि अगर इस मुद्दे से संबंधित किसी भी तरह की मांग उठाई जाती है, तो राज्य सरकार बातचीत से इसका हल निकालेगी।

रतन लाल नाथ (Ratan Lal Nath) ने कहा कि त्रिपुरा में इस मुद्दे का कोई प्रभाव नहीं है। इसलिए किसी भी कदम का कोई सवाल ही नहीं उठता है। शिक्षा मंत्री के अनुसार, राज्य सरकार की एकमात्र प्राथमिकता हर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना है। नाथ ने कहा, चूंकि किसी भी वर्ग से ऐसी कोई मांग नहीं है, स्कूल शिक्षा विभाग इस मुद्दे पर विचार नहीं कर रहा है, हम सरकारी स्कूलों में प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के अपने एकमात्र उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस (International Mother Language Day) पर नाथ ने कहा कि यह दिन पूरे सम्मान और सम्मान के साथ मनाया जाएगा। बांग्लादेश के सहायक उच्चायोग, त्रिपुरा सरकार के शिक्षा, आदिवासी कल्याण और सांस्कृतिक मामलों के विभाग संयुक्त रूप से कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं।

आपको बता दें कि कर्नाटक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग (Karnataka Minorities Welfare Department) ने अगले आदेश तक स्कूलों के छात्रों को कक्षाओं के अंदर हिजाब, भगवा गमछे, स्कार्फ और इसी तरह के धार्मिक झंडे, अन्य धार्मिक प्रतीक चिह्व वाले कपड़े आदि पहनने पर रोक लगा दी है। राज्य अल्पसंख्यक विभाग ने गुरुवार देर शाम इस संबंध में सर्कुलर भी जारी कर दिया है। कर्नाटक हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के आधार पर सभी शिक्षण संस्थानों में हिजाब, बुर्का और भगवा गमछे पर पाबंदी लगी हुई है। शैक्षणिक संस्थान में सभी धर्मों के विद्यार्थियों को हिजाब, बुर्का, भगवा गमछे आदि धार्मिक मान्यताओं वाले कपड़े पहनने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इन्हें उतारने पर ही कक्षाओं में प्रवेश दिया जाएगा।